गोरखपुर, जागरण संवाददाता। महराजगंंज जिले में मिठौरा बाजार ब्लाक क्षेत्र के बरोहिया से पड़री कला मार्ग एक वर्ष से पूरी तरह क्षतिग्रस्त है। जिससे आमजन को आने जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस मार्ग पर इतने गड्ढे हैं कि चार किलोमीटर की दूरी तय करने में आधे घंटे का समय लग जाता है। इस सड़क को देखकर सरकार के गड्ढा मुक्त सड़क का दावा हवा-हवाई साबित हो रहा है।

क्‍या कहते हैं राहगीर

हरपुर कला निवासी शैलेश पांडेय का कहना है कि इस मार्ग पर सड़क से ज्यादा गड्ढे बने हुए हैं। कुछ दूरी की यात्रा करने में बहुत समय की बर्बादी होती है। इसी मार्ग से बच्चों को स्कूल, कालेज जाना होता है, बच्चों को स्कूल जाने में बहुत दिक्कत उठानी पड़ती है।

खतरे से खाली नहीं मार्ग से गुजरना

पडरी कला निवासी संतोष पटेल बताते हैं कि इस मार्ग पर यात्रा करना खतरे से खाली नहीं है। विभागीय उदासीनता से काफी दिनों बाद भी इसकी मरम्मत नहीं हो सकी। जिससे जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

कई वर्ष से क्षतिग्रस्‍त है मार्ग

बरोहिया ननिवासी रामू के मुताबिक कई वर्ष से यह मार्ग क्षतिग्रस्त है, आए दिन कोई न कोई गिरकर घायल होता रहता है। कई बार जनप्रतिनिधियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई इस समस्या को दूर करने का प्रयास नहीं किया।

विभागीय उदासीनता की वजह से टूटी सडक

पडरी कला निवाीस चंद्रमणि उपाध्‍याय ने बताया कि विभागीय लापरवाही और उदासीनता के कारण यह मार्ग पूरी तरह से टूट गया है। मरम्मत के लिए कई बार अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन साल बीतने को है। फिर भी अभी तक विभाग ने मरम्मत नही कराई

मार्ग क्षतिग्रस्‍त होने की जानकारी नहीं

लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अधिकारी सचिन कुमार का कहना है कि बरोहिया से पड़री कला मार्ग के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी नहीं है। सड़क टूटे होन की तस्दीक कराई जाएगी। मार्ग यदि क्षतिग्रस्‍त मिला तो शीघ्र मरम्मत करा दी जाएगी।

इस मार्ग भी हाल बुरा

जिले की कुछ ऐसी सड़कें हैं, जो मरम्मत के अभाव में राहगीरों के चलने लायक नहीं रह गईं हैं। मजबूर लोग व्यवस्था को कोसते हुए अपनी यात्रा पूरी करने को विवश हो रहे हैं। परसामलिक क्षेत्र के कोहरगड्डी गांव से पड़ौली गांव को जोड़ने वाली करीब एक किमी लंबी पिच सड़क का निर्माण वर्ष 2002 में कराया गया था, लेकिन तभी से इसके मरम्मत व रखरखाव पर ध्यान नहीं दिए जाने से यह सड़क राहगीरों के चलने लायक नहीं रह गई है। बिखरी गिट्टियों व बन आए गड्ढों के कारण आए दिन राहगीर चोटिल हो रहे हैं।

Edited By: Navneet Prakash Tripathi