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    President Visit Gorakhpur: इतिहास बना राष्ट्रपति का दौरा,दो दिन में सड़क मार्ग से किया 129 किमी सफर

    Updated: Wed, 02 Jul 2025 08:27 AM (IST)

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की दो दिवसीय गोरखपुर यात्रा यादगार रही। उन्होंने 129 किलोमीटर की दूरी सड़क मार्ग से तय की जो एक रिकॉर्ड है। राष्ट्रपति ने एम्स दीक्षांत समारोह में भाग लिया गोरखनाथ मंदिर और आयुष विश्वविद्यालय का दौरा किया। सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही और यातायात पुलिस ने सुचारू संचालन सुनिश्चित किया। उनकी सहजता और आत्मीयता ने गोरखपुरवासियों का दिल जीत लिया।

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    छात्रसंघ चौराहे से गुजरता महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का काफिला। जागरण

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर।  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का दो दिवसीय दौरा नजीर बन गया। महामहिम ने दो दिन में कुल 129 किलोमीटर का सफर सड़क मार्ग से तय किया, जो अब तक किसी राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री के जिले में हुए दौरे में सबसे अधिक है। उनकी सहजता, आत्मीयता ने जिलेवासियों का दिल जीत लिया।

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    आमतौर पर राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री की जिला यात्रा में हेलीपैड और हवाई मार्ग का ही अधिक उपयोग होता है, लेकिन राष्ट्रपति ने आमजन से सीधे जुड़ाव को प्राथमिकता दी। उन्होंने दो दिनों में कुल 129 किलोमीटर की दूरी सड़क मार्ग से तय की। सोमवार को राष्ट्रपति ने एम्स के दीक्षा समारोह में भाग लिया और गोरखनाथ मंदिर गईं इन कार्यक्रमों में उन्होंने 37 किलोमीटर का सफर कार से किया।

    मंगलवार की सुबह सर्किट हाउस से निकलकर 27 किलोमीटर की दूरी तय करके आयुष विश्वविद्यालय पहुंचीं। वहां कार्यक्रम के बाद 22 किलोमीटर का सफर तय कर वह गोरखनाथ मंदिर पहुंचीं। मंदिर दर्शन के बाद आठ किलोमीटर का रास्ता तय कर वह वापस सर्किट हाउस लौटीं।

    दोपहर बाद राष्ट्रपति ने सर्किट हाउस से 15 किलोमीटर की यात्रा कर महायोगी गुरु गोरखनाथ विश्वविद्यालय पहुंची। वहां से सीधे 20 किलोमीटर चलकर वह एयरपोर्ट पहुंचीं। इस तरह केवल मंगलवार को उन्होंने 92 किलोमीटर का सफर सड़क मार्ग से किया।

    सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था रही चाक-चौबंद:

    इतनी लंबी सड़क यात्रा के बावजूद सुरक्षा में कोई ढील नहीं रही। जिले के अलग-अलग हिस्सों में सुरक्षा एजेंसियों ने कई दिन पहले से माकड्रिल की थी। सुरक्षा में आठ एसपी समेत करीब 400 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगी थी जो दो दिन तक मुस्तैद रही।

    यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए यातायात पुलिस ने वैकल्पिक रूट प्लान लागू किया था।जिसकी वजह से किसी को कोई अव्यवस्था नहीं हुई।