यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 18, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Gorakhpur NEET Student Murder: तस्करी के रास्तों की होगी मैपिंग, बनेगा नया एक्शन प्लान
गोरखपुर के पिपराइच में छात्र दीपक गुप्ता की हत्या के बाद पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में है। जांच ...और पढ़ें

HighLights
- छात्र हत्याकांड के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल |
- तस्करों का मजबूत नेटवर्क कैसे हुआ, जांच जारी |
- फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल करते हैं तस्कर |
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। पिपराइच में छात्र दीपक गुप्ता की हत्या के बाद पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवालों का जवाब ढूंढा जा रहा है।जिले में 52 चेकिंग प्वाइंट और रात की गश्त के बावजूद तस्करों का नेटवर्क इतना मजबूत कैसे हो गया कि वे हथियारों से लैस होकर खुलेआम वारदात कर रहे हैं? आखिर क्यों हर बार पुलिस की घेराबंदी ध्वस्त हो जाती है और तस्कर फरार हो जाते हैं? इन सवालों की गूंज अब लखनऊ तक पहुंचने के बाद तस्कर किस रास्ते से आ रहे इसकी नए सिरे से जानकारी जुटाई जा रही है।
एडीजी जोन मुथा अशोक जैन ने इस पूरे मामले पर सख्ती दिखाते हुए पुलिस अधिकारियों से जवाब मांगा है। उन्होंने साफ कहा कि यह पता लगाया जाएगा कि आखिर बैरियर लगाकर चेकिंग करने और नियमित गश्त होने के बावजूद तस्कर कैसे पकड़ से बाहर निकल जाते हैं।
यह पता लगाया जाए कि तस्कर किस रास्ते से गोरखपुर के साथ ही रेंज के जिलों से दाखिल हो रहे हैं, इसकी नए सिरे से पड़ताल कराए।नए सिरे से हर संभावित रूट की मैपिंग कर बैरियर लगाकर प्रभावी नियमित चेकिंग की जाए। साथ ही तस्करों के दिखने पर तत्काल घेराबंदी और कार्रवाई के लिए एक अलग एक्शन प्लान बनाएं।
एडीजी ने साफ किया है कि यह भी जांच का हिस्सा होगा कि जिन जगहों पर बार-बार तस्कर पुलिस की पकड़ से बच निकले, वहां किस स्तर पर लापरवाही हुई। पुलिस सूत्रों का मानना है कि कई बार ढीली चेकिंग और नेटवर्क की खुफिया जानकारी समय पर न मिलने से तस्कर बच निकलते हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि तस्कर अक्सर फर्जी नंबर प्लेट, चेसिस और इंजन बदलकर पिकअप का इस्तेमाल करते हैं। यही वजह है कि नियमित चेकिंग के बावजूद उनकी गाड़ियां आसानी से बच निकलती हैं।
गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और महराजगंज जैसे सीमाई जिलों के साथ-साथ बिहार के गोपालगंज और सिवान पर विशेष नजर रखी जाएगी। आने-जाने वाले हर रास्ते की मैपिंग के बाद वहां सख्त चेकिंग और रूटीन कार्रवाई की व्यवस्था होगी।
- मुथा अशोक जैन,एडीजी जोन
