बस्ती, जेएनएन। लाकडाउन के बीच तब्लीगी जमात में घूम-घूम कर हिस्सा लेने वाले 31 लोगों को मेडिकल कालेज बस्ती में क्वारंटाइन किया गया है। इसके अलावा ओपेक चिकित्सालय कैली में कोरोना वायरस के 45 अन्य संदिग्ध क्वारंटाइन हैं।

शाकाहरी भोजन नहीं आ रहा रास

क्वारंटाइन किए गए लोगों को तय शेड्यूल के अनुसार भोजन परोसा जा रहा है। वायरस के खतरे से बेपरवाह इन जमातियों और अन्य क्वारंटाइन संदिग्धों को सादा भोजन रास नहीं आ रहा है। मना करने के बाद भी यह वार्ड के बाहर घूम रहे हैं। कुछ तो ऐसे हैं जो स्वास्थ्य कर्मियों से खाने के लिए नान-वेज और बिरयानी की डिमांड कर रहे हैं।

यह है भोजन की व्‍यवस्‍था

वैसे कैंटीन से इनके लिए सुबह नाश्ता में पोहा, चाय दिया जा रहा है। दिन में 11 बजे फल और दोपहर बाद चावल-दाल, रोटी-सब्जी और सलाद युक्त भोजन दिया जा रहा है। रात में भी यही खाना दिया जा रहा है। बस सब्जी बदल दी जाती है। कुछ ऐसे भी लोग भर्ती हैं जिनको नान-वेज चाहिए, जिसे अस्पताल में देने की मनाही है।

कैंटीन के कर्मचारियों को मिल रही धमकी

भोजन परोसते समय कैंटीन के कर्मचारियों को जमाती व अन्य क्वारंटाइन हुए लोग धमका भी रहे हैं। भोजन व्यवस्था प्रभारी उमा शंकर सिंह ने बताया कि मेन्यू में जो तय है वही भोजन मिलेगा। कैंटीन के कर्मचारियों से क्या भोजन मांग रहे हैं, इससे मतलब नहीं है।

तमिलनाडु, एमपी, दिल्‍ली और हरियाणा के हैं जमाती

जमातियों के वार्ड की बालकनी व गैलरी में घूमने से स्वास्थ्य कर्मी सकते में है। मेडिकल कालेज डेस्क बोर्ड रजिस्ट्रेशन प्रभारी टीपी गुप्ता ने बताया कि तमिलनाडु व मध्य प्रदेश के 10-10, दिल्ली के सात, हरियाणा के तीन व बिहार का एक जमाती शामिल हैं। इन सभी को 16 कमरों में रखा गया है।

कैली अस्‍पताल में 45 संदिग्‍ध

ओपेक चिकित्सालय कैली  के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. जीएम शुक्ल के अनुसार कैली अस्पताल में कुल 45 संदिग्ध रखे गए हैं। सभी को नियमानुसार नाश्ता, भोजन दिया जा रहा है। बिरयानी मांगने की जानकारी नही है। हो सकता है कि कैंटीन के लोगों से डिमांड किया हो। अस्पताल में जो तय मेन्यू है उसी के ही अनुसार ही भोजन और नाश्ता दिया जाएगा। 

Posted By: Satish Shukla

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