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    अब इतनी दूरी तक का बनेगा एमएसटी, जानिए रेलवे की क्या है नई व्यवस्था

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    Updated: Wed, 16 Jan 2019 07:11 AM (IST)

    पहले एमएसटी 150 किलोमीटर की दूरी तक बनता था। अब महाप्रबंधकों को अधिकार मिल गया है। वह इसमें 10 किलोमीटर की बढ़ोत्तरी कर सकते हैं।

    अब इतनी दूरी तक का बनेगा एमएसटी, जानिए रेलवे की क्या है नई व्यवस्था

    गोरखपुर, जेएनएन। मासिक सीजन टिकट (एमएसटी) को अब जरूरत पड़ने पर क्षेत्रीय रेलवे प्रशासन 150 की जगह अधिकतम 160 किमी दूरी तक का जारी कर सकते हैं। यह अधिकार महाप्रबंधकों को दे दिया गया है। इस संबंध में दिशा निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। वैसे भी रेलवे के अधिकतर रेलमार्गो पर 150 से 160 किमी की दूरी पर कई महत्वपूर्ण स्टेशन पड़ते हैं। इसके बाद भी स्थानीय यात्रियों को एमएसटी की सुविधा नहीं मिल पाती।
    ऐसे में अगर किसी रेलमार्ग पर 160 किलो मीटर दूरी तक स्टेशन पड़ते हैं तो आम जनमानस की सुविधा के लिए एमएसटी जारी की जा सकती है। वैसे भी रेलवे में यात्रियों के लिए बनने वाला एमएसटी मासिक, त्रैमासिक, अ‌र्द्धवार्षिक और वार्षिक होता है। एमएसटी से रेल यात्रियों को किराये में 20 से 25 फीसद तक की रियायत मिलती है। अब तो यूटीएस मोबाइल एप और आटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) से भी एमएसटी का नवीनीकरण हो जा रहा है।
    25 रुपये में गरीबों को मिल जाती है इज्जत रेलवे में गरीबों को 150 किलोमीटर दूरी तक यात्रा करने के लिए महज 25 रुपये में इज्जत मासिक टिकट का प्रावधान है। इसमें ऐसे मजदूरों को शामिल किया गया है जिनकी मासिक आय 1500 रुपये से अधिक न हो, उन्हें ही इज्जत मासिक टिकट की यह सुविधा मिलती है। इसके लिए उन्हें जनप्रतिनिधियों द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होता है। आम यात्रियों को मिलेगा लाभ पूर्वोत्तर रेलवे के सीपीआरओ संजय यादव ने इस संबंध में कहा कि स्थानीय आम यात्रियों को इसका लाभ मिलेगा। यात्री सुविधाएं रेलवे की प्राथमिकता में शामिल है।

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