नेपाल की बाढ़ से उत्तर प्रदेश में अलर्ट, महराजगंज और कुशीनगर में पड़ेगा असर
नेपाल की बूढ़ी गंडकी नदी में आई बाढ़ से उत्तर प्रदेश के महराजगंज और कुशीनगर जिलों में फिर से अलर्ट ...और पढ़ें
HighLights
नेपाल की बूढ़ी गंडकी नदी में बाढ़।
महराजगंज, कुशीनगर में बाढ़ का खतरा।
गाद के कारण पानी का वेग कम।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। नेपाल के गोरखा जिले की बूढ़ी गंडकी नदी में आई बाढ़ से एक बार फिर उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में अलर्ट है। तकरीबन 45 दिन बाद महराजगंज और कुशीनगर में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। सिंचाई विभाग ने नेपाल के नवलपरासी जिले में स्थित भारत के बैराज पर अलर्ट घोषित कर दिया है। अनुमान है कि रविवार रात तक पानी बैराज के रास्ते उत्तर प्रदेश में प्रवेश करेगा। हालांकि, नेपाल में आई बाढ़ में पानी से अधिक गाद होने के कारण उत्तर प्रदेश में बहुत ज्यादा प्रभाव की आशंका नहीं है।
अगस्त के आखिरी हफ्ते में नेपाल में आई बाढ़ के बाद महराजगंज और कुशीनगर में गंडक नदी का जलस्तर बहुत ज्यादा बढ़ गया था। आलम यह था कि तकरीबन तीन लाख क्यूसेक पानी आने लगा था। इस बाढ़ में कई शव भी आए थे। पानी कम होने के बाद इनके बारे में जानकारी मिल पाई थी।
रविवार को फिर बाढ़ आई तो सीमावर्ती जिलों के अलर्ट कर दिया गया है। मुख्य अभियंता विकास कुमार सिंह ने बताया कि इस बार पहले के मुकाबले स्थित कम खतरनाक है। इसकी वजह नदी में गाद का ज्यादा होना है। गाद ज्यादा होने के कारण पानी का वेग नियंत्रित है। यदि बैराज के रास्ते पानी आएगा भी तो इसका वेग काफी कम रहेगा और डिस्चार्ज भी बहुत ज्यादा नहीं बढ़ेगा। इसके बावजूद सभी को अलर्ट कर दिया गया है।

40 किलोमीटर बहती है नदी
गंडक नदी का तकरीबन 40 किलोमीटर हिस्सा उत्तर प्रदेश में है। गंडक नदी तिब्बत-नेपाल सीमा के पास धौलागिरी पर्वत श्रेणी से निकलकर बिहार के हाजीपुर (पटना के पास) में गंगा नदी में मिलती है। यह उत्तर प्रदेश (महराजगंज, कुशीनगर, गोरखपुर, देवरिया) और बिहार (पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण, सिवान, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली) के जिलों से होकर बहती है।
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एक क्यूसेक यानी 28.317 लीटर पानी प्रति सेकंड का बहाव
एक क्यूसेक को इस तरह समझें- एक फीट लंबे, एक फीट चौड़े और एक फीट गहरे स्थान (यानी एक घन फीट आयतन) से एक सेकंड में जितना पानी गुजरता है, उसे एक क्यूसेक कहा जाता है। एक सेकेंड में 28.317 लीटर पानी का बहाव होता है। एक मिनट में लगभग 17 सौ लीटर पानी के बहाव को एक क्यूसेक कहते हैं। यदि किसी बांध या बैराज से एक लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जाता है, तो इसका अर्थ है कि हर सेकंड 28 लाख 31 हजार 700 लीटर पानी बह रहा है। गंडक में रात 10 बजे तक हर सेकेंड 42 लाख 47 हजार 550 लीटर पानी बैराज से आ रहा था।
