पशुपालन विभाग संभालेगा नंद बाबा दुग्ध मिशन की कमान, किसानों को मिलेगा सीधा फायदा
नंद बाबा दुग्ध मिशन का संचालन अब पशुपालन विभाग करेगा, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और प्रक्रिया सरल होगी। ...और पढ़ें

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HighLights
नंद बाबा दुग्ध मिशन अब पशुपालन विभाग के अधीन।
किसानों की आय बढ़ाने और गोवंश संरक्षण का लक्ष्य।
नंदिनी कृषक समृद्धि योजना में अनुदान का प्रावधान।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। डेयरी विभाग द्वारा संचालित नंद बाबा दुग्ध मिशन का संचालन अब पशुपालन विभाग की ओर किया जाएगा। ऐसे में योजना के लाभार्थियों के चयन के लिए होने वाली ई-लाटरी व अन्य कार्य के लिए डेयरी विभाग को सम्मिलित नहीं करना पड़ेगा।
किसानों की आय बढ़ाने के साथ ही देसी नस्ल की गोवंशीय पशुओं के संरक्षण व संवर्धन के लिए वर्ष 2023 में नंद बाबा दुग्ध मिशन की शुरुआत हुई। योजना का संचालन डेयरी विभाग से हो रहा था, लेकिन नोडल पशुपालन विभाग को बनाया गया था। आवेदन एकत्र करने के बाद पशुपालन विभाग इसे डेयरी विभाग के पास भेजता था।
सभी आवेदन आनलाइन करने के बाद सीडीओ की अध्यक्षता में बनी कमेटी ई-लाटरी के माध्यम से लाभार्थियों का चयन किया जाता था। योजना दो विभागों के बीच में थी, लेकिन अब इसका संचालन पशुपालन विभाग की ओर से ही किया जाएगा।
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पहले 25 अब 10 गाय की है योजना
नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत संचालित नंदिनी कृषक समृद्धि योजना में पहली बार 25 गाय के पालन की योजना थी। योजना का लागत मूल्य 62.50 लाख रुपये था। इसमें 50 प्रतिशत अनुदान था। वहीं, इसके बाद शुरू हुई मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना में देसी नस्ल की 10 गाय का पालन करना है। लागत मूल्य 23.60 लाख रुपये में से 11.80 रुपये अनुदान है।
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