गोरखपुर, गजाधर द्विवेदी। गोरखपुर के ग्रामीण बैंक 'पूर्वांचल बैंक' का अस्तित्व अब खत्म हो जाएगा। भारत सरकार ने पूर्वांचल बैंक, काशी गोमती संयुक्त ग्रामीण बैंक व बड़ौदा यूपी ग्रामीण बैंक के विलय का नोटिफिकेशन मंगलवार को जारी कर दिया। तीनों बैंकों के विलय के बाद अब यह बैंक बड़ौदा यूपी बैंक के नाम से जाना जाएगा। एक अप्रैल 2020 से यह नया बैंक अस्तित्व में आ जाएगा। गोरखपुर में तारामंडल स्थित पूर्वांचल बैंक के प्रधान कार्यालय को इस नए बैंक का मुख्यालय बनाया जाएगा।

1975 में हुई थी गोरखपुर में ग्रामीण बैंक की स्थापना

गोरखपुर में ग्रामीण बैंक की स्थापना 1975 में गोरखपुर क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के रूप में हुई थी। 2005 में इसमें बस्ती ग्रामीण बैंक के विलय के बाद इसका नाम पूर्वांचल ग्रामीण बैंक हो गया। एक अप्रैल 2013 को इस बैंक में इटावा व बलिया के ग्रामीण बैंकों का विलय होने के बाद इसका नया नाम पूर्वांचल बैंक हुआ। विलय के बाद बने बड़ौदा यूपी बैंक में पूर्र्वांचल बैंक की 600, काशी गोमती संयुक्त ग्रामीण बैंक की 478 व बड़ौदा यूपी ग्रामीण बैंक की 972 शाखाएं शामिल होंगी। इनकी कुल संख्या 2050 होगी। यह बैंक 31 जिलों में कार्य करेगा।

इन जिलों में कार्य करेगा नया बैंक

गोरखपुर, इलाहाबाद, आंबेडकर नगर, अमेठी, औरैया, आजमगढ़, बलिया, बरेली, बस्ती, भदोही, चंदौली, देवरिया, इटावा, फैजाबाद, फतेहपुर, गाजीपुर, जौनपुर, कानपुर देहात, कानपुर नगर, कौशांबी, कुशीनगर, महराजगंज, मऊ, पीलीभीत, प्रतापगढ़, रायबरेली, संतकबीर नगर, शाहजहांपुर, सिद्धार्थनगर, सुल्तानपुर व वाराणसी।

भारत सरकार से मंगलवार को नोटिफिकेशन आ गया है। यह नया बैंक एक अप्रैल 2020 से कार्य करेगा। सबसे खुशी की बात यह है कि इसका मुख्यालय गोरखपुर में होगा। भारत में शाखाओं की संख्या के हिसाब से यह सबसे बड़ा ग्रामीण बैंक होगा। - एके सिन्हा, अध्यक्ष, पूर्वांचल बैंक।

Posted By: Pradeep Srivastava

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