UP Crime: मकान के साथ टूटा माफिया विनोद उपाध्याय का गुरूर, जिसे धमकाया उसके बुलडोजर से ही गिरा आशियाना
माफिया विनोद उपाध्याय ने 15 साल पहले जिस भूमि पर कब्जा कर आशियाना बनवाया था उसे जीडीए ने शनिवार को ध्वस्त कर दिया। इसके साथ ही माफिया का वह गुरूर भी टूट गया कि उसका कोई कुछ नहीं कर सकता।
गोरखपुर, जागरण संवाददाता। गोरखपुर के मोगलहा में सोसाइटी की भूमि पर माफिया विनोद उपाध्याय ने 15 वर्ष पहले कब्जा किया था। उसकी धमक इस कदर थी कि टाप 10 व प्रदेश के माफिया की सूची में नाम शामिल होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस बार पुलिस ने सख्ती दिखाई तो सक्रिय हुए जीडीए के अधिकारियों ने बिना मानचित्र स्वीकृत के बने माफिया के घर पर बुलडोजर चलाया। शनिवार को हुई कार्रवाई में जहां माफिया का घर गिरा, वहीं उसका गुरूर भी टूटा कि उसका कोई कुछ नहीं कर सकता। कार्रवाई के दौरान उसके परिवार का भी कोई सदस्य नहीं पहुंचा।
जिसे धमकाया उसके बुलडोजर से घर गिरा
दाउदपुर निवासी प्रवीण श्रीवास्तव की भूमि माफिया विनोद के घर के पास है। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने माफिया की तलाश शुरू की तो प्रवीण ने भूमि पर निर्माण कार्य शुरू कराया। शनिवार को पुलिस पहुंची तो प्रवीण के प्लाट में कार्य कर रहे बुलडोजर को भी साथ लेकर चली गई। इसी बुलडोजर से पुलिस ने माफिया की चहारदीवारी व गेट गिराया। जिस समय माफिया विनोद का मकान ध्वस्त हो रहा था। उसी समय मोहल्ले की रंजना श्रीवास्तव पहुंच गईं। बताया कि उनकी भूमि पर कब्जा किया जा रहा है।
उर्वरकनगर भगवानपुर के नाम दर्ज थी जमीन
माफिया विनोद उपाध्याय के जिस भूखंड पर बने भवन को ध्वस्त किया गया, उसके मालिकाना हक को लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं हैं। यह जमीन उर्वरकनगर भगवानपुर के नाम पर दर्ज थी, लेकिन 1993 के आसपास सुलहनामा दाखिल कर करीब आधा दर्जन लोगों ने आदेश पारित करा लिया और उसके बाद खरीद-फरोख्त शुरू हो गई। राजस्व से जुड़े कर्मियों का कहना है कि इसमें प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है। न तो किसी सक्षम कोर्ट से यह काम हुआ और न ही जिलाधिकारी के स्तर से काम किया गया। पुराना मामला होने के कारण कोई स्पष्ट रूप से कुछ कहने को तैयार नहीं है।
12 जून को अजीत के अवैध कब्जे पर चला था बुलडोजर
माफिया अजीत शाही के अवैध कब्जे पर 12 जून को नगर निगम का बुलडोजर चला था। बेतियाहाता दक्षिणी में लखनऊ हाईवे पर माफिया ने नगर निगम की 30 डिसमिल (1213 वर्ग मीटर) भूमि पर कब्जा करके मैरेज हाल बना लिया था। पुलिस के शिकंजा कसने पर राजस्व विभाग की टीम ने संपत्ति की जांच शुरू तो पता चला कि 14.73 करोड़ की जमीन पर अजीत शाही ने अवैध कब्जा किया है। बैंककर्मियों को धमकाने के मामले में माफिया अजीत शाही इस समय जेल में है।
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