माफिया राकेश यादव (Mafia Rakesh Yadav)
Mafia Rakesh Yadav Biography माफिया राकेश यादव गोरखपुर ही नहीं आसपास के खूंखार अपराधियों में शुमार है। माफिया राकेश यादव का हत्या लूट व रंगदारी जैसे जघन्य घटनाओं को अंजाम देने में बड़ा नाम है। वह गोरखपुर सहित आजमगढ़ महराजगंज और संतकबीर नगर जिले में भी अपराध कर चुका है। पुलिस को चकमा देकर जून 2023 में कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया।

गोरखपुर, प्रगति चंद। माफिया राकेश यादव (Mafia Rakesh Yadav) उत्तर प्रदेश के 61 व गोरखपुर जिले के टॉप- 10 माफिया की सूची में शामिल है। उसका नाम आते ही जिले व आसपास के जनपदों में लोगों के जेहन में माफिया का खौफ समा जाता है। गुलरिहा क्षेत्र के झुंगिया निवासी माफिया राकेश यादव बेहद शातिर है। दबदबे के बल पर जबरिया वसूली, धमकी देना, रंगदारी मांगना उसका पेशा रहा है।
- कौन है माफिया राकेश यादव?
- कब और किस शहर में हुआ था राकेश यादव का जन्म।
- पहली बार कब आया अपराध के मामले में नाम?
- माफिया राकेश यादव का आपराधिक सफर
माफिया राकेश तिवारी का जन्म वर्ष 1968 में गोरखपुर जिले के गुलरिहा थाना क्षेत्र के झुंगिया बाजार में हुआ था। माफिया के पिता का नाम पारसनाथ यादव व माता का कैलाशी देवी। राकेश के अपराध की शुरुआत लूट, हत्या, हत्या के प्रयास जैसे वारदात से ही हुई।
माफिया के खिलाफ इन जिलों में दर्ज हैं मुकदमे
पुलिस के अनुसार इस समय माफिया राकेश यादव के खिलाफ गोरखपुर के अलावा संतकबीरनगर, महराजगंज व आजमगढ़ जिले में हत्या, हत्या के प्रयास, जबरिया वसूली, धमकी देने, गैंगस्टर, गुंडा व आर्म्स एक्ट के 52 मुकदमे दर्ज हैं।
अपराध की दुनिया में कैसे शुरू हुआ सफर
माफिया राकेश यादव का नाम पहली बार विधायक ओमप्रकाश पासवान हत्याकांड में आया था। मानीराम के तत्कालीन विधायक ओम प्रकाश पासवान की 25 मार्च 1996 को बांसगांव में बम मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के समय पूर्व विधायक ट्राली पर खड़े होकर जनसभा को संबोधित कर रहे थे। ट्राली के पीछे स्थित घर की छत पर से उन पर बम से हमला किया गया था। इसमें मुख्य आरोपित के तौर पर माफिया राकेश यादव और उसके साथी ब्रह्मा का नाम सामने आया था। दोनों साड़ी पहनकर छत पर मौजूद महिलाओं के बीच पहुंचे थे और वही से पूर्व विधायक पर हमला किए थे। इसी घटना के बाद राकेश और ब्रह्मा का नाम जरायम की दुनिया में छा गया था।
बेहद शातिर है माफिया राकेश यादव
माफिया राकेश यादव वर्तमान में गोरखपुर जिला कारागार में निरुद्ध है। दबदबे के बल पर विवादित जमीन पर कब्जा करना माफिया राकेश यादव का पेशा रहा है। वर्तमान में उस पर 52 से अधिक गंभीर अपराधिक जैसे लूट, हत्या, डकैती मुकदमें दर्ज है। माफिया राकेश दो बार पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में आत्मसमर्पण कर चुका है। पुलिस के शिकंजा कसने पर तीन जून 2023 को राकेश यादव छह अक्टूबर 2019 को चिलुआताल थाने में हत्या की कोशिश, बलवा और मारपीट के दर्ज मुकदमे में जमानत रद कराकर जेल चला गया है। वर्तमान में वह गोरखपुर जिला कारागार में निरुद्ध है।
घर पर चल चुका है जीडीए का बुलडोजर
माफिया राकेश यादव के अवैध निर्माण पर 20 जून 2023 को जीडीए (गोरखपुर विकास प्राधिकरण) का बुलडोजर चला था। माफिया ने बिना मानचित्र पास कराए ही निर्माण कराया था। जीडीए ने कई बार नोटिस दिया, लेकिन जवाब नहीं दिया।
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