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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 01, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

समस्या में समाधान में देरी न होना अधिकारियों की जिम्मेदारी, सीएम योगी ने सुनी 200 लोगों की समस्या

Published: Tue, 01 Oct 2024 12:23 AM (GMT+05:30)

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन के दौरान लगभग 200 लोगों की समस्याएं सुनीं। ...और पढ़ें

गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन में आये हुए लोगों की समस्याओं को सुनते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। सौ. गोरखनाथ मंदिर
गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन में आये हुए लोगों की समस्याओं को सुनते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। सौ. गोरखनाथ मंदिर

HighLights

  1. समस्या के जल्द से जल्द निस्तारण के लिए लोगों को किया आश्वस्त
  2. समस्याओं का समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। दो दिवसीय प्रवास के दौरान लगातार दूसरे दिन सोमवार की सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर के दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में जनता दर्शन कर लोगों की समस्या सुनीं। 

करीब 200 लोगों की समस्या सुनते हुए मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि हर सभी समस्याओं को संतुष्टीपरक समाधान जल्द से जल्द सुनिश्चित किया जाएगा। समस्या सुनने के दौरान उन्होंने अधिकारियों को लोगों को समस्यात्मक प्रार्थना पत्र देते हुए कहा कि समाधान में देरी न होना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। उन्हें समझना होगा कि यह सरकार की प्राथमिकता में शामिल है।

हर पीड़ित की त्वरित मदद की जाए

सभागार में कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री गए और एक-एक कर सभी की समस्या ध्यानपूर्वक सुनी। मौके पर मौजूद प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों से दो टूक शब्दों में उन्होंने कहा कि समस्याओं का समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें। 

कुछ प्रकरणों पर उन्होंने अफसरों को निर्देशित किया कि यह भी पता लगाएं कि यदि किसी को प्रशासन का सहयोग नहीं मिला है तो ऐसा क्यों और किन कारणों से हुआ। हर पीड़ित की त्वरित मदद की जाए। 

उन्होंने जमीन कब्जा करने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे भूमाफिया को चिह्नित किया जाए, उनके खिलाफ विधिसम्मत तरीके से कठोर कार्रवाई की जाए। पारिवारिक विवादों का निस्तारण आपसी सामंजस्य के आधार पर करने का प्रयास करने को कहा। 

इलाज में आर्थिक मदद की उम्मीद लेकर आए लोगों से योगी ने कहा कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। हर जरूरतमंद को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से मदद के जरिये इलाज सुनिश्चित किया जाएगा। 

इलाज में आर्थिक मदद के हर प्रार्थना पत्र को अधिकारियों को देते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें निर्देशित किया कि मदद की कागजी औपचारिकता जल्द से जल्द पूरी की जाए, जिससे समय से इलाज सुनिश्चित हो सके। जनता दर्शन में महिलाओं के साथ पहुंचे बच्चों से मुख्यमंत्री ने दुलारा और उन्हें उपहारस्वरूप चाकलेट देकर आशीर्वाद दिया।

गुरु पूजा कर मुख्यमंत्री ने की गोसेवा

सोमवार की सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या परंपरागत रही। गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित अपने आवास से निकलने के बाद मुख्यमंत्री सबसे पहले गुरु गोरक्षनाथ मंदिर में गए और उनकी पूजा-अर्चना की। 

गुरु पूजा के क्रम में ही वह अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि पर गए और उनका दर्शन-पूजन कर उनका आशीर्वाद लिया। मंदिर परिसर का भ्रमण करते वह गोशाला पहुंचे और करीब आधे घंटे तक गोसेवा की। इस दौरान गोशाला के कार्यकर्ताओं से सभी गोवंश के स्वास्थ्य व पोषण की जानकारी ली और देखभाल के लिए जरूरी निर्देश दिए।

बच्चों से किया आत्मीय संवाद, दिया आशीर्वाद

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर में भ्रमण के दौरान परिजनों के साथ आए बच्चों को अपने पास बुलाकर उन्हें प्यार-दुलार दिया। आत्मीय तरीके से संवाद करने के साथ उन्होंने बच्चों से हंसी-ठिठोली भी की। सबके माथे पर हाथ फेरकर आशीर्वाद दिया और हमेशा की तरह उन्होंने बच्चों को चॉकलेट भी दिया।

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