विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 21, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सरकारी स्कूल को बना दिया इस्लामिया प्राइमरी स्कूल,शुक्रवार को रहती है छुट्टी

By JagranEdited By:
Published: Sat, 21 Jul 2018 01:21 PM (IST)

गोरखपुर: सरकारी स्कूल तो आम तौर पर रविवार को बंद रहता है लेकिन जनपद देवरिया के प्राथमिक

सरकारी स्कूल को बना दिया इस्लामिया प्राइमरी स्कूल,शुक्रवार को रहती है छुट्टी
सरकारी स्कूल को बना दिया इस्लामिया प्राइमरी स्कूल,शुक्रवार को रहती है छुट्टी

गोरखपुर: सरकारी स्कूल तो आम तौर पर रविवार को बंद रहता है लेकिन जनपद देवरिया के प्राथमिक विद्यालय नवलपुर के प्रधानाध्यापक ने प्राथमिक विद्यालय का नाम बदलकर न केवल इस्लामिया प्राइमरी स्कूल कर दिया, बल्कि उपस्थिति पंजिका, प्रवेश पंजिका व अध्यापक उपस्थित पंजिका को उर्दू में तैयार किया। यही नहीं विद्यालय प्रत्येक शुक्रवार को बंद रहता है। इस दिन मध्याह्न भोजन शून्य दर्शाया जाता है। शुक्रवार को खंड शिक्षा अधिकारी की जांच में स्कूल बंद मिलने पर इसका खुलासा हुआ। खंड शिक्षा अधिकारी ने प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण मांगते हुए इसकी सूचना जिला प्रशासन को भेज दी है।

प्राथमिक विद्यालय नवलपुर में कार्यरत प्रधानाध्यापक शासन के निर्देशों की धज्जियां उड़ाते हुए यहां अपना सिक्का चला रखा है। 10 साल से इसी स्कूल में कार्यरत प्रधानाध्यापक खुर्शेद अहमद ने स्कूल का नाम ही परिवर्तित कर दिया है। स्कूल के मुख्य दीवार पर प्राथमिक विद्यालय की जगह इस्लामिया प्राइमरी स्कूल लिखवाया है। अभी तक लोग यही जानते थे कि यह स्कूल अल्पसंख्यक विभाग से संचालित होता है। स्कूल का नाम बदलने के साथ ही यहां साप्ताहिक अवकाश का दिन बदल दिया गया। पूरे प्रदेश में जहां प्राथमिक विद्यालयों में रविवार को अवकाश रहता है वहीं यह विद्यालय रविवार को खुलता है और उसकी जगह पर शुक्रवार को बंद रहता है। हैरानी की बात यह है कि लंबे समय से चली आ रही इस परिपाटी की तरफ अधिकारियों का ध्यान ही नहीं गया। शुक्रवार को जब नवागत खंड शिक्षा अधिकारी ज्ञानचंद्र मिश्र, एबीआरसी देवशरण ¨सह और न्याय पंचायत प्रभारी हरेंद्र द्विवेदी के साथ स्कूल पर पहुंचे तो विद्यालय बंद मिला। विद्यालय की दीवार पर इस्लामिया प्राइमरी स्कूल लिखे जाने पर उन्होंने पूछा तो एबीआरसी ने बताया कि प्रधानाध्यापक अपने मन से स्कूल को संचालित करते हैं। इस पर उन्होंने प्रधानाध्यापक को बुलाया तो उन्होंने बताया कि बहुत पहले से यह परंपरा चली आ रही है। जिसका वे निर्वहन कर रहे हैं। विद्यालय के सभी अभिलेख तथा हाजिरी रजिस्टर भी उर्दू में मिला जिसको खंड शिक्षा अधिकारी नहीं पढ़ सके। प्रधानाध्यापक ने पढ़कर बताया कि स्कूल में करीब 91 बच्चों का नामांकन है। यहां प्रधानाध्यापक के अलावा दो सहायक अध्यापक बदरूदीन तथा शबनम आरा तथा दो शिक्षा मित्र शबाना बानो और शमीरा खातून तैनात हैं। इस पर खंड शिक्षा अधिकारी ने प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण मांगते हुए इसकी सूचना जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को भेज दी। बीईओ ने बताया कि शासन के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। यह गलत है। यहां तैनात प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापक के विरूद्ध कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।

------

मेरे संज्ञान में आज मामला आया है, जांच के निर्देश दिए गए हैं। यदि शासनादेश का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

सुजीत कुमार

जिलाधिकारी, देवरिया

---------------------

खंड शिक्षा अधिकारी सलेमपुर ने प्रकरण से अवगत कराया है। प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण मांगा गया है। स्पष्टीकरण प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

संतोष कुमार देव पांडेय

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी

देवरिया

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।