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भारतीय रेलवे का बड़ा कदम, खतरनाक ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को मिलेंगे विशेष सुरक्षा उपकरण और ड्रेस

Published: Thu, 05 Nov 2026 10:46 AM (IST)

रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि जोखिम भरे कार्यस्थलों पर तैनात रेलकर्मियों को अब आसानी से सुरक्षात्मक कपड़े और ...और पढ़ें

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HighLights

  1. रेलकर्मियों को जोखिम भरे कार्यस्थलों पर सुरक्षात्मक कपड़े मिलेंगे।

  2. महाप्रबंधकों को सुरक्षात्मक उपकरण देने का अधिकार है।

  3. ड्रेस अलाउंस में बदलाव के बावजूद सुरक्षा प्राथमिकता रहेगी।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। रेल लाइनों, स्टेशन यार्ड और अन्य जोखिम वाले कार्यस्थलों पर तैनात रेलकर्मियों को अब आसानी से सुरक्षात्मक कपड़े (प्रोटेक्टिव क्लोथिंग) व सुरक्षा जैकेट (फ्लोरोसेंट जैकेट) मिल जाएंगे। रेलवे बोर्ड ने कार्यस्थल पर मौजूद खतरों और सुरक्षा की जरूरत के अनुसार सुरक्षात्मक कपड़े उपलब्ध कराने का प्रविधान स्पष्ट कर दिया है।

बोर्ड ने बताया है कि सातवें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद एक जुलाई, 2017 से यूनिफार्म से जुड़े सभी भत्तों, यहां तक कि सिलाई शुल्क को भी 'ड्रेस अलाउंस' में शामिल कर दिया गया है। ऐसे में यूनिफार्म की सिलाई के भुगतान के लिए 20 सितंबर, 2011 को जारी पुराना आदेश अब प्रभावी नहीं है। इसका मतलब यह नहीं है कि कर्मचारियों को कार्यस्थल पर सुरक्षा के लिए जरूरी विशेष कपड़े नहीं मिलेंगे।

महाप्रबंधकों को सुरक्षात्मक कपड़े, उपकरण और सुरक्षा संबंधी अन्य एक्सेसरीज उपलब्ध कराने का अधिकार है। इसके लिए उन्हें अपने वित्तीय सलाहकार एवं मुख्य लेखा अधिकारी (एफएएंडसीएओ) से परामर्श करना होगा। सुरक्षात्मक कपड़े और विशेष एक्सेसरीज उन्हीं परिस्थितियों में उपलब्ध कराई जाएंगी, जहां कार्यस्थल पर मौजूद व्यावसायिक खतरों के कारण कानूनी या वैधानिक रूप से इनका प्रविधान अनिवार्य हो। ऐसे में संबंधित पात्र श्रेणियों के कर्मचारियों को काम की प्रकृति के अनुसार सुरक्षा परिधान दिए जा सकते हैं।

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निर्देश के अनुसार, सुरक्षात्मक कपड़े और विशेष एक्सेसरीज उन्हीं परिस्थितियों में उपलब्ध कराई जाएंगी, जहां कार्यस्थल पर मौजूद व्यावसायिक खतरों के कारण कानूनी या वैधानिक रूप से इनका प्रावधान अनिवार्य हो। ऐसे में संबंधित पात्र श्रेणियों के कर्मचारियों को काम की प्रकृति के अनुसार सुरक्षा परिधान दिए जा सकते हैं। इस आदेश के बाद अब क्षेत्रीय रेलवे के महाप्रबंधकों को अपने स्तर पर जरूरत और नियमों के अनुरूप निर्णय लेकर कार्रवाई करनी होगी।

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