महंगा हुआ घर बनाना, GDA ने मानचित्र शुल्क 20 फीसद बढ़ाया Gorakhpur News
GDA बोर्ड की बैठक में विकास शुल्क प्रति वर्ग मीटर 20 फीसद बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इससे मकान बनवाना अब और महंगा हो गया है।
गोरखपुर, जेएनएन। मकान बनवाने के लिए गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) से मानचित्र पास कराना पहले की तुलना में अब महंगा होगा। प्राधिकरण के सभागार में मंडलायुक्त एवं जीडीए अध्यक्ष जयंत नार्लिकर की अध्यक्षता में आयोजित बोर्ड की बैठक में विकास शुल्क प्रति वर्ग मीटर 20 फीसद बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही लोगों को राहत देने वाले कई निर्णय भी बैठक में हुए। एयरफोर्स स्टेशन क्षेत्र में नो कंस्ट्रक्शन जोन का दायरा 900 मीटर से घटाकर 100 मीटर करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। यह मामला शासन को भेजा जाएगा, वहां से अनुमति मिलने के बाद मानचित्र पास होना शुरू हो जाएगा।
अब 700 की जगह 840 रुपये प्रति वर्ग फीट देना होगा शुल्क
जीडीए के क्षेत्र में मानचित्र पास कराने के लिए प्रति वर्ग मीटर की दर से 700 रुपये विकास शुल्क देना होता है लेकिन अब 840 रुपये चुकाने होंगे। जीडीए बोर्ड ने इसे मंजूरी दे दी है। सचिव राम सिंह गौतम का कहना है कि 2014 से विकास शुल्क नहीं बढ़ाया गया था। तब से महंगाई काफी बढ़ी है। उन्होंने बताया कि एयरफोर्स स्टेशन क्षेत्र में नो कंस्ट्रक्शन जोन का दायरा कम करने पर सहमति बन गई है। इससे सैनिक कुंज, सैनिक विहार, अवध विहार, पवन विहार सहित आधा दर्जन कालोनियों में पांच हजार से अधिक मकानों के वैध होने का रास्ता खुल गया है। जिनके प्लॉट इस क्षेत्र में हैं, वे मानचित्र पास कराकर मकान बनवा सकेंगे। एयरफोर्स की ओर से इस संबंध में दो महीने पहले ही जीडीए को अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी किया जा चुका है।
500 मीटर दायरे में पास हो सकेगा मानचित्र
रामगढ़ताल वेटलैंड के 50 मीटर से ऊपर एवं 500 मीटर तक के दायरे में उन बिल्डर्स के मानचित्र पास हो सकेंगे, जिन्होंने इंवायरमेंटल क्लीयरेंस (ईसी) लिया है। 20 हजार मीटर से अधिक क्षेत्र में निर्माण की दशा में ईसी लेना अनिवार्य है। इससे कम क्षेत्रफल में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी लेनी होती है। 500 मीटर दायरे में व्यक्तिगत रूप से मकान बनवाने वाले लोगों के मानचित्र पर निर्णय लेने के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। इसमें प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, वन विभाग एवं जीडीए के अधिकारी शामिल होंगे।
गोलघर मल्टीलेवल पार्किंग के ले आउट में बदलाव को मंजूरी
गोलघर स्थित जलकल परिसर में बनाई जा रही मल्टीलेवल पार्किंग के ले आउट में बदलाव को मंजूरी मिल गई है। यहां पार्किंग के साथ व्यवसायिक स्थान भी उपलब्ध कराया जाएगा। अतिरिक्त धन के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। जीडीए सचिव ने बताया कि रामगढ़ताल स्थित नया सवेरा के पास पार्किंग के लिए नए सिरे से टेंडर निकाला जाएगा। अभी जीडीए की ओर से यहां पार्किंग का संचालन किया जाता है।
जीडीए की जमीन पर बिल्डिंग मटेरियल की दुकान पर लगेगा जुर्माना
बैठक में निर्णय लिया गया कि जीडीए की जमीन पर बिल्डिंग मैटेरियल की दुकान लगाने वालों का सामान जब्त करने के साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
अप्रैल 2020 से नहीं बढ़ेंगे अलोकप्रिय संपत्तियों के दाम
जीडीए की अलोकप्रिय संपत्तियों (बार-बार कोशिश के बाद जिनकी बिक्री नहीं हो रही) के दाम में वार्षिक वृद्धि अप्रैल 2020 से नहीं होगी। वाणिज्यिक संपत्तियों के दाम में वार्षिक आधार पर 18 फीसद की वृद्धि होती थी। इस दौरान जीडीए लखनऊ विकास प्राधिकरण सहित अन्य प्राधिकरणों के मॉडल का अध्ययन करेगा। इस संबंध में अपर निदेशक कोषागार एवं जीडीए वित्त अधिकारी की सदस्यता वाली समिति का गठन भी किया गया है।
लोहिया एंक्लेव के आवंटियों को वापस होगी फ्री होल्ड चार्ज के रूप में ली गई अतिरिक्त राशि
लोहिया एंक्लेव के आवंटियों के फ्री होल्ड चार्ज के मामले में बोर्ड ने शासन की रिपोर्ट को मान लिया है। शासन की कमेटी ने 54 की जगह एक लाख तीन हजार रुपये फ्री होल्ड चार्ज जमा कराने को गलत माना है। 86 आवंटियों ने यह रकम जमा की थी। अब उन्हें अंतर का भुगतान किया जाएगा।
शाहपुर आवास विकास मामले में डीएम की अध्यक्षता में बनी कमेटी
शाहपुर आवास विकास कालोनी में पार्क एवं सड़क की जमीन पर गलत तरीके से पट्टा व अवैध रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना स्वीकृत करने का मामला भी बोर्ड की बैठक में उठा। इसमें उ'च न्यायालय ने जीडीए वीसी को स्पीकिंग ऑर्डर पास करने का आदेश दिया था। बोर्ड ने वहां के लोगों को विस्थापित करने व अवैध निवासियों के बारे में निर्णय के लिए डीएम की अध्यक्षता में कमेटी गठित की है। कमेटी में जीडीए वीसी, डूडा के परियोजना अधिकारी, आवास विकास परिषद के अधिशासी अभियंता शामिल रहेंगे। सूत्रों की मानें तो बैठक में वहां कब्जे को गलत माना गया। यहां से लोगों को आसरा योजना में विस्थापित किया जा सकता है।
खोराबार में नहीं बनेगा प्रधानमंत्री आवास
बोर्ड की बैठक में तय किया गया कि खोराबार में जीडीए अपनी जमीन पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1500 मकान नहीं बनवाएगा। जमीन काफी महंगी होने के कारण यह निर्णय लिया गया है। इसके लिए जिलाधिकारी की ओर से पुरानी जेल (लालडिग्गी के पास) के पास 500 मकान के लिए जमीन उपलब्ध कराई जाएगी।
स्टांप वेंडर भी बेच सकेंगे पांच हजार से ऊपर के ई-स्टांप
उधर, स्टांप वेंडर भी स्टाक होल्डर की तरह पांच हजार और उसके ऊपर के ई-स्टांप बेच सकेंगे। जल्द ही स्टांप पेपर का चलन पूरी तरह से बंद हो जाएगा। अब इसकी जगह ई-स्टांप का प्रयोग किया जाएगा। स्टांप पेपर को बंद करने से सरकार और जनता दोनों को सहुलियत होगी। आम जनता को परेशानियों का सामना न करना पड़े इसके लिए स्टांप वेंडरों को ई-स्टांप बेचने की अनुमति दे दी गई है। हालांकि उन्हें स्टाक होल्डर से करार करने के साथ ही आइजी से मंजूरी लेनी होगी। नई व्यवस्था को लेकर डीआइजी स्टांप, एआइजी स्टांप, सातों तहसील के सहायक निबंधक समेत जिले के 250 स्टांप वेंडरों की बैठक हुई। जिसमें सभी को नई व्यवस्था की जानकारी दी गई और बताया गया जो भी स्टांप वेंडर ई-स्टांप बेचने के लिए इच्छुक हैं वह आवेदन कर सकते हैं। एआइजी स्टांप कमलेश शुक्ल ने कहा कि स्टांप पेपर बंद होने से एक ओर जहां नकली स्टांप की समस्या खत्म होगी। वहीं ई-स्टांप से जालसाजी पर पूरी तरह से रोक लगेगी। जनता को धोखाधड़ी से बचने में मदद मिलेगी। ई-स्टांप से काम में पारदर्शिता आएगी। स्टांप पेपर के दुरुपयोग की शिकायतें भी बंद हो जाएंगी।
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