गोरखपुर, जागरण संवाददाता : शाहपुर थाने में दर्ज मारपीट के एक मामले में रुपये मांगने वाले हेड कांस्टेबल जितेंद्र प्रधान को एसएसपी ने निलंबित कर दिया है। वहीं विवेचक दारोगा राहुल सिंह को लाइन हाजिर कर दिया है। शाहपुर के राप्तीनगर निवासी एक प्लंबर का पत्नी से विवाद है। पत्नी कई बार उसकी शिकायत कर चुकी है। प्लंबर डीआइजी से इसकी जांच की मांग कर चुका है। इसी बीच में शाहपुर पुलिस ने उसकी पत्नी की तहरीर पर उसके विरुद्ध मारपीट का मुकदमा दर्ज कर लिया। दारोगा राहुल सिंह इसकी विवेचना कर रहे थे। मुकदमा दर्ज होने के बाद हेड कांस्टेबल जितेंद्र प्रधान ने पलंबर को फोन करके 12 हजार रुपये की मांग की।

12 हजार रुपये की व्यवस्था करने को कहा था हेड कांस्टेबल ने

हेड कांस्टेबल ने कहा कि वह 12 हजार रुपये की व्यवस्था कर लें तो वह उन्हें बचा लेगा। उसने कहा कि रुपये दारोगा के घर ले चलकर दिलवा दूंगा। नहीं तो फंस जाओगो। बातचीत को प्लंबर ने रिकार्ड कर लिया था। मामला एसएसपी के पास पहुंचा तो उन्होंने सहायक पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी से मामले की जांच कराई। जांच रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी ने हेड कांस्टेबल को निलंबित कर दिया। दारोगा लाइन हाजिर कर दिए गए।

मामूली बात को लेकर छात्र को पीटा, सीएचसी में चल रहा इलाज

पिपराइच के वीरेंद्र कुमार इंटर कालेज जंगलधूषण के 10वीं में पढ़ने वाले रितवहिया निवासी शैलैश निषाद की कुछ स्कूली छात्रों ने मामूली बात पर पिटाई कर दी। बीचबचाव करने गए एक अन्य छात्र कमलेश निषाद को भी मारपीट कर घायल कर दिया। दोनों का इलाज सीएचसी पिपराइच में चल रहा है। दोपहर करीब डेढ़ बजे शैलेश विद्यालय से घर जा रहा था। गेट से बाहर निकलते ही मंझरिया निवासी करीब आधा दर्जन स्कूली छात्रों ने उसकी पिटाई शुरू कर दी। बीचबचाव करने पहुंचे कमलेश निषाद को भी लोहे के कड़े व पंच से मारा-पीटा। शैलेष ने हमला करने वालों के विरुद्ध थाने में तहरीर दी है। विद्यालय की प्रधानाचार्या रेखा त्रिपाठी ने बताा कि कक्षा तीन में पढ़ने वाले एक बच्चे की किताब गायब हो गई थी। इसे लेकर उसकी शैलेष से कहासुनी हो गई। प्रधानाचार्या ने कहा कि उन्होंने कहा था वह किताब खरीद कर देंगी। बावजूद इसके बच्चे के रिश्तेदार ने अपने साथियों के साथ हमला किया है।

Edited By: Rahul Srivastava