Gym Exercise: जिम में अनहोनी के पहले चेतावनी देते अंग, लापरवाही पड़ सकती है भारी
गोरखपुर में जिम जाने वालों की संख्या बढ़ने के साथ हार्ट अटैक के खतरे भी बढ़ रहे हैं। प्रशिक्षकों के अनुसार कसरत के दौरान शरीर चेतावनी संकेत देता है जैसे पसीना आना सांस लेने में तकलीफ और सीने में दर्द। नींद की कमी तनाव और गलत खानपान से खतरा बढ़ता है। जिम शुरू करने से पहले स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए और प्रमाणित प्रशिक्षक से ही प्रशिक्षण लेना चाहिए।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। सेहत को दुरुस्त रखने संग सुडौल दिखने के शौक से जिम जाने वालों की संख्या बढ़ी है। इसके साथ ही जिम में हार्ट अटैक सहित अन्य खतरे भी सामने आने लगे हैं। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए की जाने वाली कसरत में जान जाने के जोखिम को सावधानी बरत कर ही रोका जा सकता है।
जिम प्रशिक्षकों का कहना है कि वर्कआउट के दौरान किसी तरह की अनहोनी के पहले शरीर के अंग चेतावनी देने लगते हैं।उनको भांपने में होने वाले विलंब या फिर जानबूझकर की जाने वाली लापरवाही भारी पड़ सकती है।
प्रशिक्षकों के अनुसार वर्कआउट के दौरान छोटे- छोटे लक्षण सामने आने लगते हैं। जिम प्रशिक्षक श्रेय गुप्ता ने बताया कि वर्कआउट करने के दौरान तमाम लोग कुछ न कुछ सोचते रहते हैं। इससे भी हार्ट अटैक का खतरा होता है।
वर्क आउट करते समय अचानक से शरीर से निकलने वाला पसीना बढ़ जाना, सांस लेने में दिक्कत होने और हाथ या कंधे में दर्द महसूस होने पर वर्कआउट रोक देना चाहिए। इसके बाद तत्काल मेडिकल चेकअप कराना चाहिए।
प्रशिक्षक रश्मि बताती हैं कि सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द, बेचैनी महसूस होना, बाएं हाथ में होने वाले दर्द का धीरे-धीरे बढ़ते जाना, गर्दन और पीठ में दर्द होने के लक्षण सामने आने पर तत्काल डाक्टर को दिखाना चाहिए। भारी वजन उठाने के बजाय हमेशा हल्के फुल्के वर्क आउट करने चाहिए। यदि नींद पूरी नहीं हुई है तो यह रिस्क बढ़ा सकती है।
प्रशिक्षक विकास पांडेय ने बताया कि सिर के कोने में और हाथ में हल्का दर्द होने पर सजग हो जाएं। इसके बाद जिम न करें। जिम में सबसे ज्यादा हार्ट अटैक आने की वजह है कि लोग पूरी नींद नहीं लेते हैं। हर समय तनाव में रहते हैं और शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्व देने वाले वाले भोजन नहीं करते हैं।
फिटनेस कोच आशीष गुप्ता ने बताया कि जिम में वर्कआउट के पहले हर किसी को स्वास्थ्य की जांच करानी चाहिए। इससे शरीर के बारे में सही जानकारी मिलती है।जिम ट्रेनर को भी वर्कआउट कराने में सहूलियत मिलती है। शरीर के लक्षणों को भांपकर खतरा टाला जा सकता है।
उन्होंने बताया कि अनिद्रा, उच्च रक्तचाप, मानसिक तनाव और शराब का सेवन जिम में खतरे बढ़ाता है। कुछ लोग कैफीन युक्त वर्क आउट ड्रिंक लेते हैं। इसका भी नकारात्मक असर पड़ता है। बिना मेडिकल जांच कराए जिम की शुरूआत नहीं करनी चाहिए। हर किसी को हृदय की स्थिति जानने के लिए लिपिड प्रोफाइल की जांच करानी चाहिए।
वर्कआउट में इन बातों का रखें ध्यान
- शराब पीने के कम से कम 48 घंटे के बाद ही कोई इंटेस वर्कआउट (उच्च तीव्रता अंतराल प्रशिक्षण) करें।
- किसी तरह का मानसिक तनाव होने पर जिम न करें। इससे बचने के लिए योग या जुंबा जैसी गतिविधि में भाग लें।
- प्रतिदिन कम से कम छह घंटे की नींद पूरी करें। अनिद्रा की दशा में जिम करना खतरनाक हो सकता है।
- प्रमाणित जिम प्रशिक्षक से ही प्रशिक्षण लें। जिम प्रशिक्षक टीम को स्वास्थ्य जांच रिपोर्ट अवश्य दिखाएं।
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