Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    गोरखपुर विश्वविद्यालय में नाथपंथ के तीर्थ सर्किट पर होगा शोध, मिले 10 लाख रुपये

    Updated: Sun, 30 Nov 2025 12:06 PM (IST)

    गोरखपुर विश्वविद्यालय में नाथपंथ के तीर्थ सर्किट पर शोध किया जाएगा, जिसके लिए विश्वविद्यालय को 10 लाख रुपये की धनराशि प्राप्त हुई है। यह शोध नाथपंथ के तीर्थ स्थलों के महत्व और उनके सर्किट के विकास पर केंद्रित होगा, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलने की संभावना है। विश्वविद्यालय इस शोध को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

    Hero Image

    दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय। जागरण

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय नाथपंथ की प्राचीन परंपरा को आधुनिक शोध-पद्धतियों के साथ जोड़ते हुए भारतीय ज्ञान-परंपरा के एक नए अध्याय की नींव रखेगा। साथ ही नाथपंथ के महत्वपूर्ण तीर्थस्थलों का समग्र भौगोलिक, सांस्कृतिक और दार्शनिक विश्लेषण करेगा। शोध के दौरान नाथपंथ का तीर्थ सर्किट भी तैयार किया जाएगा।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    इसे लेकर भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद (आइसीपीआर), नई दिल्ली ने नाथपंथ में तीर्थस्थलों के भौगोलिक एवं दार्शनिक निहितार्थ विषय पर दो वर्षीय शोध-परियोजना की मंजूरी देते हुए 10 लाख रुपये का अनुदान दिया है। दो वर्षीय शोध भूगोल विभाग के सहायक आचार्य डा. अंकित सिंह के नेतृत्व में होगा।

    डा. अंकित ने बताया कि नाथपंथ के तीर्थ स्थलों का विश्वव्यापी विस्तार है। उसका विशिष्ट भौगौलिक, सांस्कृतिक और दार्शनिक महत्व है। शोध में इसपर गंभीर कार्य किया जाएगा। दो वर्ष में इस कार्य को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

    आइसीपीआर ने शोध के महत्व को स्वीकारा है। ऐसे में शोध अनुदान देकर हौसला बढ़ाया है। पूरी कोशिश होगी कि शोध के जरिये लोगों को कुछ नए तथ्य की जानकारी मिले। नाथपंथ का एक तीर्थ सर्किट प्रस्तावित किया जा सके।