गोरखपुर शहर में 600 जवानों की तैनाती, फिर भी नो-इंट्री में दौड़ रहे मालवाहक
गोरखपुर में 600 पुलिसकर्मी और होमगार्ड तैनात होने के बावजूद नो-एंट्री के समय मालवाहक वाहनों का प्रवेश जारी है। इससे ...और पढ़ें
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चार यातायात थाने और बाहरी मार्गों पर ड्यूटी के बाद भी नहीं लग रही पूरी रोक। जागरण
HighLights
गोरखपुर में यातायात व्यवस्था हेतु 600 पुलिसकर्मी और होमगार्ड तैनात।
नो-एंट्री समय में भी मालवाहक वाहनों का शहर में प्रवेश जारी।
इससे यातायात दबाव बढ़ा, व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। शहर की सड़कों पर यातायात व्यवस्था संभालने के लिए करीब 600 पुलिसकर्मी और होमगार्ड तैनात हैं। चार यातायात थाने भी बनाए गए हैं। इसके बावजूद नो-इंट्री के समय प्रतिबंधित मालवाहक वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक नहीं लग पा रही है।
शहर के बाहरी मार्गों पर इन वाहनों को रोकने के लिए जवानों की ड्यूटी लगाई गई है, लेकिन प्रतिबंधित समय में मालवाहक वाहन शहर के भीतर पहुंचते दिखाई दे रहे हैं। इससे व्यस्त मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ रहा है और नो-इंट्री व्यवस्था की निगरानी पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जिले में यातायात व्यवस्था के लिए करीब 350 होमगार्ड और 250 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाती है। इन जवानों की तैनाती नौसढ़, खोराबार बाइपास, टीपीनगर, रुस्तमपुर, कोनी तिराहा, मेडिकल कालेज रोड, बरगदवा समेत सभी प्रमुख स्थानों पर की जाती है।
इसके अलावा यातायात व्यवस्था की निगरानी और कार्रवाई के लिए बेतियाहाता, मोहद्दीपुर समेत चार यातायात थाने भी बनाए गए हैं। इतनी बड़ी पुलिस व्यवस्था के बावजूद प्रतिबंधित वाहनों की आवाजाही की शिकायतें मिलना व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़ा करता है।
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बाहरी रास्तों पर रोकने की व्यवस्था
नो-इंट्री व्यवस्था का उद्देश्य शहर के व्यस्त हिस्सों में निर्धारित समय के दौरान मालवाहक वाहनों का प्रवेश रोकना है। इसके लिए शहर के बाहरी मार्गों और प्रवेश बिंदुओं पर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाती है। इन स्थानों पर मालवाहक वाहनों को रोककर निर्धारित समय समाप्त होने के बाद ही शहर में प्रवेश की अनुमति देने की व्यवस्था है।
