Mafia Sudhir Singh: माफिया सुधीर नहीं आएगा गोरखपुर, बयान लेने लखनऊ जाएगी पुलिस
गोरखपुर में माफिया सुधीर सिंह को बड़ी राहत मिली है। खजनी थाने में दर्ज हत्या की कोशिश के मामले में हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। पुलिस अब कोर्ट से अनुमति लेकर लखनऊ में उनका बयान दर्ज करेगी और आरोप पत्र दाखिल करेगी। इससे पहले पुलिस उन्हें वारंट बी के जरिए लाने में विफल रही थी क्योंकि लखनऊ पुलिस ने सुरक्षा कारणों से इनकार कर दिया था।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। माफिया सुधीर सिंह को खजनी थाने में दर्ज हत्या की कोशिश के मामले में राहत मिल गई है। हाईकोर्ट से उसे अरेस्ट स्टे मिलने के बाद अब गोरखपुर पुलिस लखनऊ जाकर कोर्ट की अनुमति से उसका बयान दर्ज करेगी। इसके बाद आरोप पत्र दाखिल कर कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा।
इससे पहले उसे इस मुकदमें में वारंट बी के जरिए कोर्ट में लाने का प्रयास किया लेकिन लखनऊ पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए सुनवाई के दिन लाने से इनकार कर दिया था।
27 मई 2025 की रात खजनी क्षेत्र में एक व्यापारी के यहां आयोजित दावत में बेलीपार के भौवापार निवासी अंकुर शाही पर हमले के मामले में माफिया सुधीर सिंह पर खजनी थाने में हत्या की कोशिश का केस दर्ज किया गया था। इसके बाद से वह फरार चल रहा था।
पुलिस, क्राइम ब्रांच और एसटीएफ की कई टीमों ने गोरखपुर, लखनऊ के अलावा आसपास के जिले में छापेमारी की, लेकिन माफिया पुलिस के शिकंजे से दूर रहा।
गिरफ्तारी के दबाव में सुधीर सिंह ने एक पुराने आर्म्स एक्ट के मामले में लखनऊ की कोर्ट में सरेंडर कर दिया। इसके बाद पुलिस ने उसे वारंट बी पर गोरखपुर लाने की कोशिश हुई लेकिन लखनऊ पुलिस ने 23 व 30 जून को कोर्ट में लाने से यह कहते हुए मना कर दिया कि पुलिस बल उपलब्ध नहीं है।
इस मामले में चार जुलाई को सुधीर सिंह को हाईकोर्ट से राहत मिल गई है। कोर्ट से मिले आदेश की कापी गोरखपुर पुलिस को मिल चुकी है। इस मामले में एक अन्य आरोपित हिमाचल सिंह को भी अरेस्ट स्टे पहले ही मिल चुका है।
सुधीर सिंह की गिरफ्तारी फिलहाल संभव न होने के कारण अब गोरखपुर पुलिस कोर्ट से अनुमति लेकर लखनऊ जेल में बयान दर्ज करने की तैयारी कर रही है। बयान दर्ज करने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल होगा।
यह रहा घटनाक्रम:
- 27 मई: खजनी क्षेत्र के व्यापारी किशन जायसवाल के यहां दावत में हमले का आरोप
- 28 मई: बेलीपार के अंकुर शाही ने खजनी थाने में हत्या की कोशिश का केस दर्ज कराया
- 30 मई: माफिया की तलाश में लगातार छापेमारी शुरू हुई।कई को हिरासत में लिया गया
- 23 व 30 जून: वारंट बी पर लखनऊ से गोरखपुर नहीं ला सकी पुलिस
- 04 जुलाई: हाईकोर्ट से सुधीर सिंह को अरस्टे स्टे मिला।
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