गोरखपुर में 98 करोड़ का सुमेर सागर-इलाहीबाग नाला मंजूर, जलभराव से मिलेगी मुक्ति
गोरखपुर में सुमेर सागर से इलाहीबाग तक 98 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले आरसीसी नाले को वित्तीय मंजूरी ...और पढ़ें

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HighLights
98 करोड़ के नाले को मिली वित्तीय मंजूरी।
सुमेर सागर से इलाहीबाग तक बनेगा आरसीसी नाला।
आठ वार्डों के 94 हजार लोगों को मिलेगी राहत।
राजीव रंजन, गोरखपुर। शहर में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ा है। सुमेर सागर होते हुए इलाहीबाग तक जाने वाले नाले के निर्माण के लिए व्यय वित्त समिति की मंजूरी मिल गई है। करीब 98 करोड़ रुपये की लागत से इस नाले का निर्माण कराया जाएगा।
इसके बनने से विजय चौक, धर्मशाला बाजार, एडी माल के आसपास समेत आठ वार्डों के 93,946 लोगों को जलभराव की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी एक कार्यक्रम के दौरान इस महत्वपूर्ण नाला परियोजना का जिक्र कर चुके हैं। अब वित्तीय मंजूरी मिलने के बाद परियोजना के धरातल पर उतरने का रास्ता साफ हो गया है।
परियोजना का निर्माण सीएंडडीएस (कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज) की ओर से कराया जाएगा। संस्था के स्थानिक अभियंता ओपी यादव ने बताया कि शासनादेश जारी होने के तत्काल बाद निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। निर्माण कार्य पूरा करने के लिए दो वर्ष का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत नाले की खुदाई, आरसीसी संरचना तैयार करने और जलनिकासी व्यवस्था को अंतिम रूप देने का काम किया जाएगा।
शहर में लगातार बढ़ते निर्माण और बारिश के दौरान जलनिकासी पर बढ़ते दबाव को देखते हुए यह परियोजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है। व्यय वित्त समिति की मंजूरी के बाद अब शासनादेश और निर्माण की औपचारिकताएं पूरी होने का इंतजार है।
3.307 किलोमीटर लंबा होगा नाला, क्षमता भी बढ़ेगी
परियोजना की खास बात यह है कि सुमेर सागर से इलाहीबाग तक 3.307 किलोमीटर लंबे नाले को पूरी तरह आरसीसी से ढका हुआ बनाया जाएगा। शुरुआत में इसकी चौड़ाई और गहराई 2.50 मीटर गुणा तीन मीटर होगी, जबकि अंतिम छोर पर इसका आकार बढ़ाकर पांच मीटर गुणा तीन मीटर कर दिया जाएगा। यानी आगे बढ़ने के साथ नाले की जलनिकासी क्षमता भी बढ़ती जाएगी। इसका अंतिम निकास इलाहीबाग पंपिंग स्टेशन पर होगा।
परियोजना की डिजाइन के अनुसार अंतिम छोर पर 36.20 क्यूबिक मीटर यानी करीब 3128 एमएलडी पानी की निकासी हो सकेगी। 14.47 वर्ग किलोमीटर के कैचमेंट क्षेत्र से बारिश का पानी इस नाले के जरिये निकाला जाएगा। पांच वर्ष की वापसी अवधि के आधार पर इसकी डिजाइन तैयार की गई है, जिससे वर्षा के दौरान अधिक मात्रा में पानी पहुंचने पर भी निकासी व्यवस्था प्रभावित न हो।
आठ वार्डों के लोगों को मिलेगी राहत
इस परियोजना से नरसिंहपुर, महात्मा ज्योतिबाफुले नगर, धर्मशाला बाजार, बेनीगंज, रुद्रपुर, कल्याणपुर, विजय चौक, आत्मारामनगर और बंधु सिंह नगर (इलाहीबाग) क्षेत्र को लाभ मिलेगा। खासतौर पर धर्मशाला बाजार, विजय चौक और एडी माल के आसपास बारिश के दौरान होने वाले जलभराव से राहत मिलने की उम्मीद है। इन इलाकों में जलनिकासी की समस्या के कारण लोगों और कारोबारियों को लंबे समय से परेशानी उठानी पड़ती है।
परियोजना की प्रमुख जानकारी
- परियोजना - सुमेर सागर से इलाहीबाग तक आरसीसी नाला
- स्वीकृत लागत करीब 98 करोड़ रुपये
- नाले की लंबाई - 3.307 किलोमीटर
- निर्माण का स्वरूप - पूरी तरह ढका हुआ आरसीसी नाला
- शुरुआती आकार - 2.50 × 3 मीटर
- अंतिम आकार - 5 × 3 मीटर
- अंतिम निकास - इलाहीबाग पंपिंग स्टेशन
- निकासी क्षमता - 36.20 क्यूमेक (3128 एमएलडी)
- जलग्रहण क्षेत्र - 14.47 वर्ग किलोमीटर
- लाभार्थी आबादी - लगभग 93,946
- निर्माण एजेंसी - सीएंडडीएस
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इस परियोजना का उद्देश्य केवल एक नाले का निर्माण करना नहीं, बल्कि बड़े जलग्रहण क्षेत्र से आने वाले वर्षा जल की निकासी के लिए व्यवस्थित और टिकाऊ ढांचा तैयार करना है। नाले का आकार, निकासी क्षमता और अंतिम पंपिंग स्टेशन से उसका जुड़ाव इसी जरूरत को ध्यान में रखकर तय किया गया है। व्यय वित्त समिति ने इसकी मंजूरी दे दी है।
-अमित शर्मा, मुख्य अभियंता, नगर निगम
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