गोरखपुर के रेलकर्मियों के इलाज पर गहराया संकट, मेदांता से करार खत्म
गोरखपुर के एलएनएम रेलवे अस्पताल और मेदांता अस्पताल गुरुग्राम के बीच उपचार करार समाप्त होने से गंभीर रूप से बीमार ...और पढ़ें

HighLights
एलएनएम रेलवे अस्पताल-मेदांता अनुबंध समाप्त, इलाज पर संकट।
गंभीर बीमार रेलकर्मियों और स्वजनों की बढ़ी मुश्किलें।
कर्मचारी संगठनों ने तत्काल अनुबंध विस्तार की मांग की।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। ललित नारायण मिश्र केंद्रीय रेलवे अस्पताल (एलएनएम), गोरखपुर और मेदांता अस्पताल गुरुग्राम के बीच उपचार संबंधी करार की अवधि समाप्त होने से गंभीर रूप से बीमार रेलकर्मियों और उनके स्वजन की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मेदांता में पहले से उपचार करा रहे मरीजों के सामने इलाज जारी रखने का संकट खड़ा हो गया है।
समय रहते अनुबंध का विस्तार नहीं हुआ तो मरीजों को उपचार में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इसको लेकर रेलकर्मियों में नाराजगी है और कर्मचारी संगठनों ने रेलवे प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप की मांग की है।
एनई रेलवे मजदूर यूनियन (नरमू) के महामंत्री बसंत लाल चतुर्वेदी ने इस संबंध में महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने मेदांता अस्पताल गुरुग्राम के साथ अनुबंध का तत्काल विस्तार करने के साथ ही नई दिल्ली के साकेत स्थित मैक्स अस्पताल को भी रेलवे अस्पताल गोरखपुर के साथ अनुबंधित करने की मांग की है।
उनका कहना है कि गंभीर बीमारियों से पीड़ित रेलकर्मियों को बेहतर उपचार के लिए बड़े अस्पतालों में रेफर किया जाता है। ऐसे में अनुबंध की अवधि समाप्त होने से उन मरीजों की परेशानी बढ़ गई है, जिनका उपचार मेदांता में पहले से चल रहा है। सेवा विस्तार नहीं होने से उपचार की निरंतरता प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने रेल प्रशासन से कर्मचारी हित में शीघ्र निर्णय लेने की अपील की है।
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पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ (पीआरकेएस) के महामंत्री विनोद कुमार राय ने भी इस मामले को गंभीर बताते हुए मरीजों के हित में व्यवस्था बहाल करने की आवश्यकता जताई है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि गंभीर रोगों से जूझ रहे रेलकर्मियों और उनके परिवारों को इलाज के लिए अनुबंध संबंधी औपचारिकताओं के कारण परेशान नहीं होना चाहिए।
रेलवे प्रशासन को चाहिए कि वह मेदांता के अनुबंध का शीघ्र नवीनीकरण कराए और वैकल्पिक बड़े अस्पतालों को भी उपचार व्यवस्था से जोड़े, ताकि जरूरतमंद मरीजों का इलाज बिना रुकावट जारी रह सके।
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उत्तर रेलवे प्रशासन के सहयोग से बीमार मरीजों का उपचार कराया जा रहा है। मेदांता से अनुबंध बढ़ाने की प्रक्रिया चल रही है। पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन को प्रस्ताव भेजा गया है।
- डा. मोहम्मद एए खान, डायरेक्टर, रेलवे अस्पताल
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