विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

गोरखपुर में नमी बनी बिजली कटौती का कारण, उद्योगों को झेलनी पड़ रही परेशानी

Published: Sat, 10 Oct 2026 10:56 AM (IST)

गोरखपुर में पीपीएमसी बॉक्स में नमी के कारण बिजली कटौती की समस्या बढ़ गई है, जिससे उद्योगों और आवासीय क्षेत्रों ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

HighLights

  1. पीपीएमसी बॉक्स में नमी से बिजली कटौती।

  2. हीटर न होने से सीटी-पीटी में सीलन।

  3. उद्योगों और राप्तीनगर में घंटों बिजली गुल।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। राप्तीनगर खंड से जुड़े मेडिकल कालेज उपकेंद्र की बिजली पिछले दिनों कट गई थी। नौ घंटे तक बिजली नहीं आई। वजह यह थी कि बिजली निगम के पिल्फर प्रूफ मीटरिंग बाक्स (पीपीएमसी) में नमी आ गई थी। व्यवस्था यह है कि पीपीएमसी में हीटर लगाया जाए लेकिन ऐसा नहीं किया गया था। नौ घंटे तक पूरा इलाका बिना बिजली विहीन रहा। अभियंता तो घंटों हीटर का ही इंतजाम नहीं कर पाए थे।

नगरीय विद्युत वितरण खंड प्रथम टाउनहाल से जुड़े एक उद्योग की बिजली कट गई। काफी देर तक बिजली नहीं आई तो उपकेंद्र से कर्मचारी पहुंचे। उन्होंने जुगाड़ के सहारे बिजली आपूर्ति बहाल करा दी। कुछ दिन बाद पता चला कि उद्योग में मीटर की रीडिंग ही नहीं हो पा रही है। फिर जांच कराई गई। पीपीएमसी में इतनी ज्यादा नमी थी कि सभी उपकरणों की सफाई और हीटर लगाने के बाद भी चार घंटे का समय लग गया।

50 किलोवाट और इससे ज्यादा क्षमता के कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं के परिसर में मीटर की रीडिंग के लिए करंट ट्रांसफार्मर और पोटेंशियल ट्रांसफार्मर लगाए जाते हैं। इन ट्रांसफार्मरों को जिस यूनिट में लगाया जाता है, उसे पीपीएमसी कहते हैं। ऐसा सटीक बिलिंग के लिए किया जाता है।

यह भी पढ़ें- CJP आंदोलन को लेकर गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा सख्त, दिल्ली रूट पर बेधड़क दौड़ती रहीं ट्रेनें

वर्षा और ठंड के मौसम में इस रूम में नमी आ जाती है। नमी के कारण केबल और सीटी-पीटी पर सीलन आ जाती है। इससे आवाज के साथ लाइन ट्रिप हो जाती है और बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है।

यह भी पढ़ें- सात साल बाद गोरखपुर लौटा 308 पहियों वाला 'महाबली', खाद कारखाना से जुड़ा है इतिहास



सभी उपभोक्ताओं को जानकारी दी जाती है कि ठंड व वर्षा के मौसम में पीपीएमसी को सूखा और गर्म रखने के लिए हीटर की व्यवस्था की जाए। हीटर की व्यवस्था न होने से बिजली बार-बार बाधित होती है। इससे उद्योग और उत्पादन प्रभावित होता है। यदि उपभोक्ता द्वारा नमी रोकने का सही प्रबंध किया जाए तो यह समस्या नहीं आएगी। उपभोक्ता अपने मीटरिंग रूम में हीटर/बल्ब लगाकर नमी को नियंत्रित रखें और विभाग को सहयोग प्रदान करें।

-

-लोकेंद्र बहादुर सिंह, मुख्य अभियंता