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सात साल बाद गोरखपुर लौटा 308 पहियों वाला 'महाबली', खाद कारखाना से जुड़ा है इतिहास

By Durgesh TripathiEdited By: Vivek Shukla
Published: Sat, 10 Oct 2026 08:51 AM (IST)

गोरखपुर में सात साल बाद 308 पहियों वाला महाबली फिर आया है, जो पहले खाद कारखाना के लिए टर्बाइन लाया ...और पढ़ें

2019-20 में गोरखपुर आ चुका है महाबली ट्रक। जागरण

 2019-20 में गोरखपुर आ चुका है महाबली ट्रक। जागरण

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। सात साल बाद एक बार फिर 308 पहियों वाला महाबली गोरखपुर में आया है। वर्ष 2019-20 में यह तब आया था जब खाद कारखाना के लिए टर्बाइन मंगाया गया था। बिहार से 10 किलोमीटर प्रति घंटा से आया महाबली जिस सड़क से गुजरा वहां लोगों के कौतूहल के केंद्र में रहा। तब पहली बार लोगों ने इतने पहिए का ट्रालर देखा था।

खाद कारखाना का शिलान्यास वर्ष 2016 और उद्घाटन सात दिसंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया था। खाद कारखाना के लिए टर्बाइन समेत अन्य महत्वपूर्ण उपकरणों को वर्ष 2019-20 में मंगाया गया था। यह उपकरण इतने लंबे, चौड़े और ऊंचे थे कि इनको आसानी से लेकर आना संभव नहीं था।

इसके बाद कुशीनगर से लगायत गोरखपुर तक कहीं सड़क को चौड़ा किया गया तो कहीं पुल के बगल में अस्थाई निर्माण कराया गया। महानगर में जब उपकरण लेकर ट्रालर पहुंचा तो बिजली निगम को भी जिम्मेदारी दी गई। बिजली निगम के अभियंताओं ने पूरे रूट का सर्वे किया और जरूरत के अनुसार कहीं तार हटवाया गया तो कहीं पोल शिफ्ट कराया गया। रास्ते में पेड़ की डाल को काटने की जिम्मेदारी वन विभाग को सौंपी गई थी।

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तीन किलोमीटर प्रति घंटे थी गति
खाद कारखाना तक रूट सही करने के बाद भी प्रशासन को कोई रिस्क नहीं लेना चाहता था इसलिए टर्बाइन लेकर आगे बढ़ रहे ट्रालर की गति महानगर में सिर्फ तीन किलोमीटर प्रति घंटे रखी गई थी। ट्रालर के साथ सैकड़ों अभियंता व कर्मचारी, पुलिस के जवान पैदल चलकर रूट को सही कराने में जुटे थे। खाद कारखाना तक की सड़क को भी मजबूत किया गया। जब उपकरण परिसर में पहुंच गए तब सभी ने राहत की सांस ली।

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