गोरखपुर नक्षत्रशाला में स्थापित हुआ प्रदेश का सबसे बड़ा 3D डोम, नवंबर में होगा लोकार्पण
गोरखपुर की वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला में अमेरिका से मंगाया गया 17 मीटर व्यास का आधुनिक थ्री-डी डोम स्थापित हो ...और पढ़ें

HighLights
गोरखपुर में स्थापित हुआ प्रदेश का सबसे बड़ा 3D डोम।
अमेरिका से मंगाया गया 17 मीटर व्यास का आधुनिक डोम।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नवंबर में करेंगे इसका लोकार्पण।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। कल्पना कीजिए, आप एक विशाल गुंबद के नीचे बैठे हैं और देखते ही देखते आपके चारों ओर तारों से भरा आसमान फैल जाता है। कभी आप आकाशगंगा के बीच पहुंच जाते हैं तो कभी ग्रहों और नक्षत्रों की दुनिया आपके सामने जीवंत हो उठती है। अंतरिक्ष की इस रोमांचक सैर का अनुभव अब जल्द ही गोरखपुर की वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला में मिलने जा रहा है।
यहां अमेरिका से मंगाया गया 17 मीटर व्यास का आधुनिक थ्री-डी डोम स्थापित कर दिया गया है। इसके साथ लगे फोर-के प्रोजेक्शन सिस्टम का ट्रायल भी पूरा हो चुका है। यह प्रदेश का सबसे बड़ा डोम है। लखनऊ की इंदिरा गांधी नक्षत्रशाला और रामपुर की आर्यभट्ट नक्षत्रशाला का डोम भी इससे छोटा है।
नक्षत्रशाला के आधुनिकीकरण और महंत अवेद्यनाथ ज्ञान-विज्ञान पार्क का नवंबर के दूसरे सप्ताह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोकार्पण करेंगे। दोनों परियोजनाओं पर कुल 62.77 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसमें 46.88 करोड़ रुपये से नक्षत्रशाला का आधुनिकीकरण और 15.89 करोड़ रुपये से ज्ञान-विज्ञान पार्क विकसित किया जा रहा है। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) लोकार्पण से पहले दोनों परियोजनाओं को अंतिम रूप देने में जुटा है। जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल नियमित निरीक्षण कर तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं।
डायनासोर से लेकर प्राचीन भारतीय विज्ञान तक का सफर
ज्ञान-विज्ञान पार्क में बच्चों और विद्यार्थियों के लिए विज्ञान को देखने, समझने और प्रयोग करने के कई आकर्षक ठिकाने तैयार किए गए हैं। नक्षत्रशाला के चारों ओर स्पेस साइंस गैलरी विकसित की गई है। यहां अंतरिक्ष और विज्ञान से जुड़ी जानकारियां मिलेंगी। इंडोर एंसिएंट इंडियन साइंस गैलरी में प्राचीन भारतीय विज्ञान की झलक दिखेगी तो इनोवेशन लैब में नई चीजों को जानने और समझने का अवसर मिलेगा। फन साइंस, डायनासोरियम और वीआर शो रूम का काम भी पूरा हो चुका है। बच्चों के लिए किड्स जोन भी बनाया गया है।
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फिनिशिंग के बाद तैयार होगा विज्ञान का नया केंद्र
दोनों परियोजनाओं में निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। नक्षत्रशाला के आधुनिकीकरण का काम हो चुका है। ज्ञान-विज्ञान पार्क, पार्किंग, कैफेटेरिया, स्मृति चिह्नों की दुकान और टिकट घर बनकर तैयार हैं। एसटीपी, मुख्य प्रवेश द्वार, ओपन एयर थिएटर के टेन्साइल फैब्रिक और स्पेस गैलरी के कुछ हिस्सों में फिनिशिंग चल रही है।
निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। थ्री-डी डोम के साथ लगे फोर-के प्रोजेक्शन सिस्टम का ट्रायल भी सफल रहा। यहां बच्चों, विद्यार्थियों और पर्यटकों को विज्ञान तथा अंतरिक्ष की दुनिया को नए अंदाज में समझने का अवसर मिलेगा। नवंबर के दूसरे सप्ताह तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इसका लोकार्पण कराया जाएगा, जिसके बाद नक्षत्रशाला को बच्चों सहित आमजन के लिए खोल दिया जाएगा।
- अभिनव गोपाल, उपाध्यक्ष, जीडीए
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