गोरखपुर BRD में मेडिसिन विभाग को मिला 79 बेड एक और वार्ड, मरीजों को मिली राहत
गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन विभाग को 79 बेड का एक और वार्ड मिला है। दैनिक जागरण में छपी खबर के बाद कॉलेज प्रबंधन ने यह फैसला लिया। अब मेडिसिन विभाग में कुल 313 बेड होंगे जिससे मरीजों को स्ट्रेचर पर इलाज कराने से राहत मिलेगी। बाल रोग विभाग के वार्ड को खाली होने के बाद मेडिसिन विभाग को दिया गया है।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कालेज के मेडिसिन विभाग को कालेज प्रबंधन ने एक और वार्ड दे दिया है। खाली पड़े बाल रोग विभाग का जो वार्ड मेडिसिन को दिया गया है, उसमें 79 बेड हैं। मेडिसिन के पास चार वार्ड पहले से हैं, जिसमें 234 बेड हैं, सभी फुल हैं। इसलिए रोगियों का उपचार गर्मी व उमस के बीच स्ट्रेचर पर हो रहा है।
इस समस्या पर दैनिक जागरण ने बुधवार के अंक में ''''स्ट्रेचर पर हो रहा उपचार, मेडिसिन वार्ड व आइसीयू बेड फुल'''' शीर्षक खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। इसका संज्ञान लेते हुए कालेज प्रबंधन ने मेडिसिन को एक और वार्ड दे दिया है। अब मेडिसिन के पास 3़13 बेड हो जाएंगे। इससे गर्मी व उमस के बीच स्ट्रेचर पर उपचार कराने को मजबूर रोगियों को राहत मिलेगी।
नेहरू अस्पताल में स्थित बाल रोग विभाग को पांच सौ बेड बाल रोग चिकित्सा संस्थान में शिफ्ट कर दिया गया है। इसलिए उस विभाग के सभी वार्ड खाली हैं। उसमें से एक वार्ड मेडिसिन को दिया गया है। मेडिसिन के पास 72 बेड का इमरजेंसी वार्ड नंबर 11 है।
इसके अलावा वार्ड नंबर पांच, नौ व 14 हैं, ये सभी वार्ड 54-54 बेड के हैं। सभी वार्ड आसपास ही हैं। जो नया वार्ड दिया गया है, वह इन वार्डों से दूर नेहरू अस्पताल के पिछले हिस्से में हैं।
डाक्टरों को वहां जाने में दिक्कत न हो, इसके लिए मेडिसिन वार्ड नंबर 14 के ठीक नीचे भूमि तल पर स्थित 12 नंबर वार्ड से इस वार्ड को कनेक्ट कर दिया जाएगा। 12 नंबर वार्ड में 32 बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट बनाई जा रही है।
इससे रोगियों को और राहत मिलेगी। गंभीर रोगियों को तत्काल क्रिटिकल केयर यूनिट में शिफ्ट कर दिया जाएगा। इस यूनिट का निर्माण पूर्ण होने के कगार पर है। प्रबंधन के अनुसार 15 दिन में इसे शुरू कर दिया जाएगा।
बाल रोग विभाग के सभी वार्ड खाली हो गए हैं। उसमें से एक वार्ड मेडिसिन विभाग को दे दिया गया है। हालांकि पीडिया के बाद मेडिसिन के पास ही सबसे ज्यादा वार्ड व बेड हैं, बावजूद इसके इस विभाग में रोगियों का भार ज्यादा है। इसलिए 79 बेड का एक और वार्ड मेडिसिन को दे दिया गया है, ताकि रोगियों को राहत मिल सके।
-डा. रामकुमार जायसवाल, प्राचार्य बीआरडी मेडिकल कालेज
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