पूर्वांचल के विकास का गेटवे Gorakhpur Link Expressway, औद्योगिक निवेश का बना माध्यम

गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर चलकर औद्योगिक निवेश पहुंचेगा गोरखपुर। जागरण
रजनीश त्रिपाठी जागरण, गोरखपुर। दियारा की भौगोलिक परिस्थितियों के कारण दक्षिणांचल में जहां सामान्य सड़क का निर्माण दुरुह था, वहां एक्सप्रेसवे बनाना संकल्प से सिद्धि की मिसाल है। पूर्वांचल के विकास का गेटवे, माने जा रहे गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर चलकर हजारों करोड़ का औद्योगिक निवेश गोरखपुर पहुंचा तो रोजगार के साथ पूरब की समृद्धि का भी द्वार खुला।
गोरखपुर से प्रारंभ होकर आजमगढ़ के सलारपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ने वाला गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे आवागमन सुगमता ही नहीं औद्योगिक विकास को गति देने में भी मील का पत्थर बनेगा। इसका केंद्र बिंदु होगा जैतपुर, जहां गोरखपुर-सिलीगुड़ी और गोरखपुर-शामली ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को इससे जोड़ा जाएगा। एक ही जगह पर तीन एक्सप्रेसवे और एक फोरलेन की कनेक्टिविटी पूर्वांचल को न केवल पश्चिमी यूपी बल्कि बिहार, बंगाल होते हुए पूर्वी भारत से जोड़कर विकास का कीर्तिमान लिखेगी।
प्रदेश की अर्थव्यवस्था में पूरब की भागीदारी बढ़ाने के लिए पूर्वांचल में उद्योगों की स्थापना योगी सरकार की प्राथमिकता है। गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) के एक्सटेंशन धुरियापार इंडस्ट्रियल एरिया की संकल्पना ने गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे की जरूरत को बल दिया। औद्योगिक आवश्यकता, आवागमन की सुगमता के लिए बना एक्सप्रेसवे ने आकार लेने से पहले ही हजारों करोड़ का निवेश लाने का माध्यम बना।
एक्सप्रेसवे के किनारे बना पेप्सिको का बाटलिंग प्लांट हो या प्रक्रियाधीन कोका कोला और बिसलेरी यूनिट। अडानी सीमेंट फैक्ट्री, श्रीराम सीमेंट, अपोलो टायर, गैलेंट, कपिला कृषि उद्योग जैसे उद्योगों के अलावा प्लास्टिक पार्क में 60 उद्यमियों के रुचि के पीछे लिंक एक्सप्रेसवे का आकर्षण है। कच्चे माल की आवक के साथ उत्पादों के निर्यात के लिए उपयोगी एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास के साथ सुगम यातायात का भी माध्यम बनेगा।
गोरखपुर समेत आसपास के 10 जिलों और नेपाल, पश्चिमी बिहार से पूर्वांचल में आने वाले लोगों को लखनऊ, प्रयागराज, दिल्ली, आगरा का वैकल्पिक मार्ग मिल जाएगा। गोरखपुर से लखनऊ पहुंचने में महज साढ़े तीन घंटे लगेंगे तो प्रयागराज की दूरी करीब 90 किमी कम हो जाएगी। दिल्ली से लेकर आगरा तक का सफर आनंददायक हो जाएगा। जैतपुर में मिलेंगे तीन एक्सप्रेसवेगोरखपुर का जैतपुर आने वाले समय में एक्सप्रेसवे कनेक्शन का नया हब बनेगा।
इसी जगह पर गोरखपुर-सिलीगुड़ी और गोरखपुर-शामली ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस को गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस से जोड़ा जाएगा। लखनऊ-बिहार फोरलेन बाईपास से जुड़े जैतपुर से ही गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस की शुरुआत हो रही है। शहर से दक्षिण करीब 12 किमी दूर जैतपुर विकास के पैमाने पर चमकने को तैयार है। दोनों एक्सप्रेसवे के पांच वर्षों में तैयार होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
पूर्वांचल से कम हो जाएगी पश्चिमी यूपी की दूरी
गोरखपुर से शामली तक बन रहा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे जैतपुर में लिंक एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। 700 किमी लंबे छह लेन वाले ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की लिंक एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी पूरब को सीधे पश्चिम से जोड़ेगी। जो दूरी 15 घंटे में तय होती है वह आठ घंटे में हो जाएगी। संतकबीर नगर, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, बहराइच, लखनऊ, सीतापुर, शाहजहांपुर, हरदोई, बदायूं, बरेली, रामपुर, मुरादाबाद, संभल, बिजनौर, अमरोहा, मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर से शामली होते हुए हरियाणा, पंजाब और दिल्ली से जुड़ने वाला ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बरेली में नैनीताल रोड और पीलीभीत रोड से जुड़ेगा। दो हिस्सों में इसकी डीपीआर तैयार हो रही है।
बिहार होते हुए बंगाल से जुड़ेगा गोरखपुर गोरखपुर से सिलीगुड़ी तक बन रहे सिक्सलेन एक्सप्रेसवे को पहले जगदीशपुर से शुरू होना था। बाद में इसे बढ़ाकर जैतपुर से जोड़ दिया गया। बिहार के पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया होते हुए किशनगंज से सिलीगुड़ी तक जाने वाले 525 किलोमीटर लंबे गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे पर गति सीमा लगभग 120 किमी प्रतिघंटे रहेगी।
भारत-नेपाल सीमा के समांतर चलने वाला इसे मार्ग से बिहार में बाढ़ प्रभावित इलाकों में जहां संसाधन पहुंचाने में सहूलियत होगी वहीं अयोध्या से सीतामढ़ी की राह भी आसान होगी। बंगाल से आने पूर्वांचल में आने वाले कच्चे माल के अलावा यहां से बिहार, नेपाल, बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में होने वाले उत्पाद के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। इस एक्सप्रेसवे के अगले वर्ष तक पूर्ण होने की उम्मीद है।
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे
एक नजर में
- प्रारंभ बिंदु : जैतपुर
- अंतिम बिंदु : सालारपुर
- लंबाई : 91.35 किमी
- लागत : 7283.28 करोड़
- जिले : 04
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे न केवल आवागमन के लिए एक बेहतर विकल्प होगा बल्कि उद्योगों के विकास में भी सहायक होगा। जैतपुर में दो अन्य एक्सप्रेसवे से इसकी कनेक्टिविटी इसकी उपयोगिता को और विस्तार देगी। पूरब से पश्चिम को जोड़ने में यह एक महत्वपूर्ण सेतु का काम करेगा, जिसका सीधा लाभ पूर्वांचल को होगा।
-कृष्णा करुणेश, जिलाधिकारी, गोरखपुर
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