Gorakhpur Link Expressway के किनारे 3.5 किमी में नहीं लगे कंटीले तार, इस वजह से लिया गया फैसला
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर किसानों के साथ सीमा विवाद और सर्विस रोड की कमी के कारण लगभग साढ़े तीन किलोमीटर तक फेंसिंग का काम रुका हुआ है। कंटीले तार न लगने से बेसहारा पशु एक्सप्रेसवे पर आ रहे हैं जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। यूपीडा ने एसडीएम से राजस्व कर्मियों और पुलिस बल की मांग की है ताकि पैमाइश कराकर विवाद को सुलझाया जा सके।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। लिंक एक्सप्रेसवे के किनारे तकरीबन साढ़े तीन किलोमीटर की लंबाई में कंटीले तार नहीं लग पा रहे हैं। कहीं किसानों से सीमा विवाद है तो कहीं सर्विस रोड न बनने के कारण लोग तार नहीं लगाने दे रहे हैं।
कंटीले तार न लग पाने के कारण बेसहारा पशु लिंक एक्सप्रेसवे पर चढ़ जा रहे हैं। इस कारण नौ स्थानों पर हादसे की आशंका बनी रहती है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथारिटी (यूपीडा) के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) पीपी वर्मा ने खजनी के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को पत्र लिखकर पैमाइश के लिए राजस्व कर्मियों व पुलिस बल भेजने का अनुरोध किया है।
लिंक एक्सप्रेसवे को जून से ही वाहनों के लिए खोल दिया गया है। इस पर से रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं। व्यवस्था इस तरह बनाई गई कि लिंक एक्सप्रेसवे के किनारे दोनों तरफ कंटीले तारों की फेंसिंग की जानी है।
इससे पशु और अन्य कोई भी लिंक एक्सप्रेसवे पर नहीं चढ़ सकता है। इसके साथ ही सुरक्षा के लिए लिंक एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ बैरिकेडिंग भी कराई गई है। कंटीले तार न लगे होने के कारण जानवर लिंक एक्सप्रेसवे के किनारे पहुंच जा रहे हैं। कई बड़े जानवर बैरिकेडिंग पारकर सड़क पर चले जा रहे हैं। कई बार कंटीले तार लगाने की कोशिश हुई लेकिन विवाद होने के कारण काम आगे नहीं बढ़ सका।
यह है विवाद
डोहरिया, तेलियाभार, मझरीभट, बोरडीह, भिटहां, बहादुर खुर्द, बहादुर बुजुर्ग में सीमा विवाद है। हरत्तपुर व मलांव में सर्विस रोड के निर्माण की मांग को लेकर काम रोका गया है। कटहा बाबू में भूमि अधिग्रहण पूरा न होने के कारण नाला का निर्माण नहीं हो पा रहा है।
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यहां नहीं हुई है फेंसिंग
डोहरिया, तेलियाभार, मझरीभट, बोरडीह, भिटहां, हरदत्तपुर, बहादुर खुर्द, बहादुर बुजुर्ग, कटहा बाबू, मलांव।
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