जागरण एजेंडा: गोरखपुर में घर को बनाया गोदाम, सहेज रहे मौत का सामान
गोरखपुर में घनी आबादी के बीच पटाखों का अवैध भंडारण लोगों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन रहा है। ...और पढ़ें

निर्धारित गोदाम रहते है खाली, आवासीय मकानों में छिपाकर रखे जाते पटाखे। जागरण
HighLights
आबादी के बीच पटाखों का अवैध भंडारण बड़ा खतरा।
लाइसेंस शर्तों का उल्लंघन, निगरानी व्यवस्था पर सवाल।
अग्निकांडों से बचने को नियमित जांच और कार्रवाई जरूरी।
जितेन्द्र पाण्डेय, गोरखपुर। पटाखा फैक्ट्री और गोदाम आबादी से दूर बनाने का प्रविधान है, लेकिन कई लोग घनी आबादी के बीच पटाखों का भंडारण कर रहे हैं। चोरी और पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए अपनाया जा रहा यह तरीका लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। आग लगने पर अवैध भंडारण बड़े हादसे का कारण बन सकता है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में सामने आए मामले लाइसेंस की शर्तों के पालन और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाते हैं।
बीते वर्षों में कोतवाली और सिकरीगंज क्षेत्र में पटाखों की बरामदगी और भंडारण स्थल पर आग लगने की घटनाएं हुई हैं। इसके बावजूद निर्धारित गोदामों के बजाय अन्य स्थानों पर पटाखे रखने के मामले जारी हैं। दीपावली के समय कोतवाली क्षेत्र से भारी मात्रा में अवैध पटाखे बरामद होते हैं। इन बरामदगियों के बावजूद बिना लाइसेंस पटाखों की खेप कहां से आ रही है, इसकी पड़ताल पर सवाल उठते रहे हैं। जबकि अधिकारी दीपावली के आसपास जांच अभियान चलाकर बरामदगी करते हैं।
वर्ष 2019 में नखास चौक के पास पटाखों के भंडारण वाले मकान में आग लग गई थी। ऊपरी तल पर रखे पटाखों में आग लगने से जोरदार धमाके हुए और आसपास के लोग दहशत में आ गए। दमकल की पांच गाड़ियों ने मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग आसपास के मकानों तक नहीं पहुंची। कारोबारी सुल्तान का पटाखा बिक्री का लाइसेंस वर्ष 2012 में निरस्त हो चुका था। वर्ष 2018 में उसकी दुकान सील की गई थी, फिर भी वह मकान में पटाखे रखकर बेच रहा था। नीचे कास्मेटिक की दुकान थी।
30 अक्टूबर 2020 को कोतवाली पुलिस ने घोष कंपनी चौराहे के पास देव कुमार गौड़ के कब्जे से पटाखों के 15 कार्टन बरामद किए। वह कैंट क्षेत्र के दाउदपुर का निवासी था। वर्ष 2022 में नखास की आटो पार्ट्स दुकान से पटाखों की बिक्री का मामला सामने आया। तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट की छापेमारी में ओसामा एंड कंपनी में अनियमितताएं मिलीं। प्रोपराइटर सद्दन खान पटाखा बिक्री का लाइसेंस नहीं दिखा सके। जांच में छोटे काजीपुर स्थित उनकी बेटी की ससुराल और उनके घर में भी पटाखे रखे होने की जानकारी मिली। मौके से 3.50 लाख रुपये के पटाखे जब्त किए गए।
दो सितंबर 2026 को सिकरीगंज के ढखवा बाजार में पुलिस ने लाइसेंसधारक दयाशंकर के आवासीय मकान से बड़ी मात्रा में पटाखे बरामद किए। निर्धारित गोदाम खाली मिला, जबकि मकान में पटाखे रखे थे। लाइसेंस की शर्तों के उल्लंघन के आरोप में दयाशंकर और उनके बेटे गणेशदत्त को गिरफ्तार किया गया।
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इन मामलों के मद्देनजर गोदामों का नियमित निरीक्षण, लाइसेंस शर्तों का सत्यापन और आवासीय क्षेत्रों में निगरानी जरूरी है, ताकि संभावित अग्निकांड और जान-माल के नुकसान का खतरा कम किया जा सके। सीएफओ संतोष कुमार राय ने बताया कि अग्निशमन विभाग की तरफ लाइसेंस और पटाखा की दुकानों की जांच चल रही है। अनियमितता पाए जाने पर कार्रवाई भी की जा रही है।
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