गोरखपुर में 150 नई इलेक्ट्रिक बसों को कैबिनेट की मंजूरी, चार्जिंग प्वाइंट के लिए मिली जमीन
कैबिनेट ने गोरखपुर के लिए 150 नई इलेक्ट्रिक एसी बसों को मंजूरी दी है, जिससे महानगर में लोगों का आवागमन ...और पढ़ें

महानगर में चलाई जानी हैं 150 इलेक्ट्रिक बसें। जागरण
HighLights
गोरखपुर को मिलीं 150 नई इलेक्ट्रिक एसी बसें।
चार्जिंग प्वाइंट के लिए कोनी में नई जमीन खोजी गई।
वर्तमान 25 बसों के लिए महेसरा डिपो पर्याप्त नहीं।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। महानगर के लोगों का आवागमन और सुगम होगा। कैबिनेट ने गोरखपुर के लिए 150 सुविधा संपन्न इलेक्ट्रिक एसी बसों की मंजूरी दे दी है। महानगर में इलेक्ट्रिक बस चलाने की तैयारी तेजी से चल रही है।
चार्जिंग प्वाइंट के लिए कोनी और बसंतपुर खास में मिली भूमि खारिज करने के बाद गोरखपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड ने जगदीशपुर के पास कोनी में एक और जमीन खोज ली है। अधिकारियों ने लगभग चार एकड़ भूमि का सर्वे करने के बाद सहमति जता दी है। जल्द ही नगर निगम व जिला प्रशासन को प्रस्ताव भेज दिया जाएगा। प्रस्ताव पर सहमति बनते ही आगे की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
गोरखपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड ने नगर निगम की ओर से कोनी और बसंतपुर खास में उपलब्ध कराई गई भूमि को अनुपयुक्त मानते हुए खारिज कर दिया है। दोनों स्थानों की जमीन मिलाकर करीब 4.75 एकड़ उपलब्ध कराई गई थी, जबकि नई व्यवस्था के लिए कुल आठ एकड़ एकमुश्त जमीन की जरूरत है। जानकारों का कहना है कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से पहले चार्जिंग प्वाइंट और डिपो तैयार करना जरूरी है।
गोरखपुर में और दो इलेक्ट्रिक चार्जिंग प्वाइंट की जरूरत है। इसीक्रम में भूमि की तलाश की जा रही है। गोरखपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी लव कुमार सिंह ने नगर आयुक्त अजय जैन को नए सिरे से पत्र भेजकर मानक के अनुरूप आठ एकड़ जमीन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
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महानगर के विभिन्न रूटों पर पहले से 25 इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं। इसके लिए महेसरा डिपो स्थापित हैं। डिपो में ही इलेक्ट्रिक चार्जिंग प्वाइंट हैं, जो चल रही बसों को तो चार्ज कर देती हैं, लेकिन संख्या बढ़ने पर और बसें चार्ज नहीं हो पाएंगी। ऐसे में गोरखपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड ने युद्ध स्तर पर चार्जिंग प्वाइंट तैयार करने की कवायद शुरू कर दी है। ताकि, और बसें मिलने के बाद उन्हें निर्बाध संचालित किया जा सके।
