UP News: अपराध बताए बिना कर दी गैंग्सटर की कार्रवाई, हाई कोर्ट ने किया रद
गोरखपुर में हाई कोर्ट ने ओमप्रकाश पांडेय पर लगे गैंगस्टर एक्ट को रद्द कर दिया क्योंकि पुलिस आपराधिक कृत्य को स्पष्ट नहीं कर पाई थी। कैंट थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था जिसमें आरोप था कि पांडेय ने भूमि बेचने के नाम पर रुपये हड़पे थे। अदालत ने कहा कि अगर जरूरत पड़े तो अधिकारी कानून के अनुसार कार्रवाई कर सकते हैं।

जागरण संवाददाता,गोरखपुर। भूमि बेचने के नाम पर रुपये हड़पने के आरोपित ओमप्रकाश पर हुई गैंग्सटर एक्ट की कार्रवाई हाई कोर्ट ने रद कर दी है। पुलिस ने कार्रवाई करते समय आपराधिक कृत्य नहीं बताया था।इसी खामी का फायदा आरोपितों को मिला।
13 अगस्त 2021 को तत्कालीन कैंट थानेदार सुधीर सिंह मोहद्दीपुर में रहने वाले ओमप्रकाश पांडेय,महादेव झारखंडी के सनी देवल,धीरज साहनी उर्फ धीरेंद्र व संजय पांडेय पर गैंग्सटर एक्ट का मुकदमा दर्ज कराया था।इस मामले में पुलिस ने नौ फरवरी 2023 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
10 फरवरी 2023 को विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट), गोरखपुर ने संज्ञान लेकर समन जारी कर दिया।आरोपितों ने अपराध बताए बिना गैंग्सटर एक्ट की कार्रवाई होने की दलील देते हुए हाईकोर्ट में अपील की थी।
सुनवाई के दौरान दलील को सही मानते हुए कोर्ट ने आरोपितों के विरुद्ध भेजे गए आरोप पत्र के साथ ही समन आदेश को निरस्त कर दिया। हालांकि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में आवश्यकता हुई तो अधिकारी कानून सम्मत तरीके से दोबारा कार्रवाई कर सकते हैं।
गैंग्सटर एक्ट में कुर्क है संपती :
गैंग्सटर एक्ट की कार्रवाई होने के बाद कैंट थाना पुलिस की रिपोर्ट पर जिलाधिकारी ने जालसाजी करने के आरोपित ओमप्रकाश की मोहद्दीपुर स्थित घर के अलावा महादेव झारखंडी में स्थित भूमि को कुर्क किया था। जिसकी अनुमानित लागत एक करोड़ से अधिक बताई गई थी।
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