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गोरखपुर में पालतू कुत्ते की तेरहवीं, दुखी मालिक ने शोक संदेश छपवाया, लोगों को भेजा ब्रह्मभोज का न्योता

Published: Thu, 15 Oct 2026 11:53 AM (IST)Updated: Thu, 15 Oct 2026 12:15 PM (IST)

गोरखपुर में एक परिवार ने अपने पालतू कुत्ते बफी के निधन के बाद श्रद्धांजलि कार्ड छपवाकर ब्रह्मभोज का आयोजन किया ...और पढ़ें

बर्फी की फाइल फोटो व शोक संदेश। जागरण

बर्फी की फाइल फोटो व शोक संदेश। जागरण

HighLights

  1. गोरखपुर में पालतू कुत्ते बफी के निधन पर श्रद्धांजलि।

  2. परिवार ने छपवाया श्रद्धांजलि कार्ड, आयोजित किया ब्रह्मभोज।

  3. इंसान और पालतू जानवर के गहरे भावनात्मक रिश्ते का प्रतीक।

विवेक शुक्ला, गोरखपुर। पालतू जानवरों के प्रति प्रेम की कई कहानियां आपने सुनी होंगी, लेकिन गोरखपुर में एक परिवार का अपने पालतू कुत्ते के प्रति लगाव चर्चा का विषय बना हुआ है। परिवार के सदस्य बफी से इतना जुड़ाव महसूस करते थे कि उसके निधन के बाद बाकायदा श्रद्धांजलि कार्ड छपवाया गया है। इसमें बफी की तस्वीर के साथ श्रद्धांजलि और ब्रह्मभोज का निमंत्रण दिया गया है।

आजाद नगर निवासी अनिल मिश्रा बफी के मालिक थे। बफी केवल उनके लिए ही खास नहीं था, बल्कि परिवार के अन्य सदस्य और रिश्तेदार भी उससे बेहद प्यार करते थे। घर में रहने के दौरान बफी परिवार का हिस्सा बन गया था। उसके साथ सभी का भावनात्मक जुड़ाव था। यही वजह है कि उसके जाने के बाद परिवार ने उसकी याद में श्रद्धांजलि सभा और ब्रह्मभोज आयोजित करने का निर्णय लिया।

परिवार की ओर से जारी कार्ड पर सबसे ऊपर 'विनम्र श्रद्धांजलि' लिखा गया है। इसके नीचे 'स्व. बफी के ब्रह्मभोज पर आमंत्रण' दिया गया है। कार्ड में बफी की तस्वीर को सुनहरे रंग की सजावट के बीच स्थान दिया गया है। इसमें 15 अक्टूबर को शाम चार बजे ब्रह्मभोज का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। आयोजन आजाद नगर स्थित मकान नंबर 454 बी में होगा।

इंसान और बेजुबान के रिश्ते की कहानी

बफी के निधन के बाद परिवार की ओर से इस तरह श्रद्धांजलि देना इंसान और पालतू जानवर के बीच भावनात्मक रिश्ते को दर्शाता है। पालतू जानवर समय के साथ परिवार के सदस्यों की दिनचर्या और भावनाओं का हिस्सा बन जाते हैं। उनके जाने से घर में खालीपन महसूस होना स्वाभाविक है।

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अनिल मिश्रा और उनके परिवार के लिए बफी भी ऐसा ही साथी था, जिससे परिवार के सभी सदस्यों और रिश्तेदारों का गहरा लगाव था। उसकी याद में आयोजित यह कार्यक्रम परिवार के उसी स्नेह और जुड़ाव को व्यक्त करने का एक तरीका है।

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