By Prem Naranyan DwivediEdited By: Mohammed Ammar
Published: Mon, 04 Sep 2023 09:53 PM (IST)
सबसे अधिक परेशानी मार्ग परिवर्तन के चलते हो रही है। ट्रेनों के कैंसिलेशन की जानकारी तो किसी तरह मिल जा ...और पढ़ें
जागरण संवाददाता, गोरखपुर : रेलवे बोर्ड का कहना है कि क्षेत्रीय व मंडल प्रशासन को ट्रेनों के निरस्तीकरण, मार्ग परिवर्तन, विलंबन और नियंत्रण की सूचना चार माह पहले देनी होगी। कम से कम एक माह (चार सप्ताह) पहले भी सूचना दे सकते हैं। इसके लिए छह माह पहले ही प्लानिंग कर लें। लेकिन, पूर्वोत्तर रेलवे का मुख्यालय गोरखपुर तो 24 घंटे पहले भी नहीं बता पा रहा कि कौन सी ट्रेन निरस्त रहेगी।
कितनी ट्रेनों का मार्ग बदला जाएगा और कितनी विलंबित व नियंत्रित कर चलाई जाएंगी। ट्रेनों के अचानक प्रभावित होने की सूचना से लोगों की परेशानी बढ़ जा रही। पहले दिन तो अफरा-तफरी मच जा रही। चार माह पहले से कन्फर्म टिकट लेकर दिल्ली और मुंबई जाने का सपना देख रहे लोगों की टूर प्लानिंग (यात्रा की योजना) पूरी तरह ध्वस्त हो जा रही। लोग कन्फर्म टिकट के लिए फिर से भटकना शुरू कर दे रहे हैं।
कैंट स्टेशन यार्ड और कैंट-कुसम्ही तीसरी रेल लाइन की प्री नान इंटरलाकिंग पांच सितंबर तक होगी। छह से 11 सितंबर तक नान इंटरलाकिंग होगी। रेलवे प्रशासन ने नान इंटरलाकिंग की घोषणा तो कर दी है, लेकिन इस अवधि में प्रभावित होने वाली ट्रेनों की कोई जानकारी नहीं दी है। ट्रेनों के निरस्तीकरण व मार्ग परिवर्तन की घोषणा सिर्फ पांच सितंबर तक हुई है। 31 अगस्त से पांच सितंबर तक चलने वाली प्री नान इंटरलाकिंग के चलते 55 ट्रेनों के निरस्तीकरण, नौ ट्रेनों के मार्ग परिवर्तन और छह ट्रेनों के विलंबन की घोषणा भी एक दिन पहले ही हुई थी।
पिछले एक माह से चल रही प्री नान इंटरलाकिंग के चलते दर्जनों की संख्या में ट्रेनों का संचालन प्रभावित है। इसके चलते लोगों की परेशानी बढ़ गई है। ऐसे में नरकटियागंज, छपरा और वाराणसी ही नहीं, दिल्ली, मुंबई और अहमदाबाद की यात्रा करने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
सबसे अधिक परेशानी मार्ग परिवर्तन के चलते हो रही है। ट्रेनों के कैंसिलेशन की जानकारी तो किसी तरह मिल जा रही, लेकिन ट्रेनों के मार्ग बदलने की सूचना यात्रियों के मोबाइल पर भी समय से नहीं पहुंच पा रही। यात्री गोरखपुर की जगह वाराणसी और प्रयागराज पहुंच जा रहे हैं। मुंबई व अहमदाबाद रूट की ट्रेनें तो भटनी और मऊ में ही रुक जा रहीं। कन्फर्म टिकट होने व ट्रेन के चलने के बाद भी गोरखपुर क्षेत्र के लोग यात्रा नहीं कर पा रहे।
11 को होगा तीसरी रेल लाइन का स्पीड ट्रायल
गोरखपुर कैंट-कुसम्ही लगभग दस किमी तीसरी रेल लाइन का स्पीड ट्रायल 11 सितंबर को होगा। मुख्य संरक्षा आयुक्त 11 को नई लाइन का निरीक्षण कर ट्रेन चलाकर स्पीड ट्रायल करेंगे। मुख्य संरक्षा आयुक्त की संस्तुति के बाद पूर्वोत्तर रेलवे की इस पहली तीसरी रेल लाइन पर ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा।
प्रभावित होने वाली ट्रेनों की घोषणा नान इंटरलाकिंग शुरू होने से पहले कर दी जाएगी। ट्रेनों के निरस्तीकरण व मार्ग परिवर्तन की सूचना यात्रियों के मोबाइल पर भेजी जाती है।
- पंकज कुमार सिंह, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी- पूर्वोत्तर रेलवे