गोरखपुर में अपने आशियाने का सपना पूरा करने जा रहा जीडीए, दो माह के भीतर लांच होगी खोराबार आवासीय योजना
GDA Khorabar Gorakhpur Housing Scheme गोरखपुर विकास प्राधिकरण की खोराबार आवासीय योजना दो महीने में लांच होने वाली है। जीडीए ने खोराबार में 170 एकड़ भूखंड अधिग्रहीत किया है। पहले चरण में करीब 100 एकड़ पर योजना लांच की जाएगी।

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) के नवागत उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर भी खोराबार आवासीय योजना को लेकर गंभीर हैं। जीडीए की प्रस्तावित योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण करने के दोरान खोराबार पहुंचे उपाध्यक्ष ने इसे दो महीने के भीतर लांच करने का निर्देश दिया। अब तक किए गए कार्यों के बारे में जानकारी लेते हुए उपाध्यक्ष ने कहा कि प्रक्रिया 60 दिनों के भीतर पूरी कर ली जाए और हर हाल में इसे लांच किया जाए। जीडीए ने खोराबार में 170 एकड़ भूखंड अधिग्रहीत किया है। पहले चरण में करीब 100 एकड़ पर योजना लांच की जाएगी।
जीडीए उपाध्यक्ष ने योजनाओं की तैयारियों का लिया जायजा
जीडीए उपाध्यक्ष प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह, सहायक अभियंता जेपी श्रीवास्तव के साथ जीडीए द्वारा कराए जा रहे कार्यों एवं प्रस्तावित योजनाओं का निरीक्षण कर रहे थे। सबसे पहले वह क्षेत्रीय क्रीड़ांगन में जीडीए द्वारा करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से कराए जा रहे बैडमिंटन एवं कुश्ती हाल के जीर्णोद्धार कार्य का निरीक्षण करने पहुंचे। प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह ने बताया कि पांच अप्रैल तक काम पूरा करने की समय सीमा है।
तीस नवंबर तक कार्य पूरा कराने का दिया निर्देश
उपाध्यक्ष ने कहा कि सभी कार्य 30 नवंबर तक पूरे किए जाएं। क्षेत्रीय क्रीड़ांगन से वह नलकूप परिसर में प्रस्तावित एकीकृत मंडलीय कार्यालय के निर्माण स्थल का निरीक्षण करने गए। यहां से जीडीए उपाध्यक्ष खोराबार पहुंचे और योजना के बारे में जानकारी ली। प्रभारी मुख्य अभियंता एवं सहायक अभियंता ने खोराबार योजना के बारे में उन्हें विस्तार से जानकारी दी। जीडीए उपाध्यक्ष ने कहा कि लांचिंग की सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएं और इस आवासीय योजना को हर हाल में दो महीने के भीतर लांच किया जाए।
बहुप्रतीक्षित है खोराबार आवासीय योजना
खोराबार आवासीय योजना का लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके लिए जमीन करीब 20 साल पहले ही अधिग्रहीत की गई थी। तभी से यहां आवासीय योजना लांच करने की तैयारी चल रही है लेकिन कतिपय कारणों से योजना लांच नहीं हो पाई। पिछले एक साल से इस योजना को लांच करने के लिए तेजी से काम किया गया। ले आउट बनाने के लिए कंसलटेंट भी नियुक्त किया जा चुका है।
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