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    UP News: पीड़ित परिवार के सामने 'सिस्टम' खड़ा हुआ बनकर दीवार, इंसाफ के लिए परिवार की गुहार

    Updated: Fri, 06 Jun 2025 09:40 AM (IST)

    गोरखपुर के गुलजार की मौत के मामले में प्रशासनिक उलझनें बढ़ गई हैं। शव को लावारिस मानकर दफना दिया गया और परिवार अब शव निकालने की इजाजत मांग रहा है। परिवार का आरोप है कि गुलजार के सिर पर चोट थी और पुलिस मामले की जांच कर रही है। गुलजार का मोबाइल उसके दोस्त अली के पास से मिला था जिससे मामले में और जटिलता आ गई है।

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    गुलजार - फाइल फोटो । पीड़ित परिवार के सामने 'सिस्टम' खड़ा हुआ बनकर दीवार

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। सिधारीपुर के रहने वाले गुलजार की रहस्यमय मौत अब प्रशासनिक उलझनों में घिर गई है। शव मिलने के बाद न तो समय पर पहचान हुई, न ही हत्या की जांच ने रफ्तार पकड़ी। पोस्टमार्टम के बाद शव को लावारिस बताकर दफना दिया गया और अब बाडी निकालने को मजिस्ट्रेट के आदेश का इंतजार है।पीड़ित परिवार के लिए सिस्टम हर दिन नई दीवार बनकर खड़ा हो रहा है, जहां जवाब नहीं सिर्फ चुप्पी है।

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    अब परिवार के लोग राजघाट पुल के नीचे जिस जगह गुलजार को दफनाने का दावा किया जा रहा है वहां खड़े होकर बेटे का चेहरा देखने की इजाजत मांग रहे हैं। शव निकालने की प्रक्रिया मजिस्ट्रेट के आदेश पर अटकी है।इसके लिए स्वजन ने 10 दिन पहले प्रार्थना पत्र दिया है।

    गुलजार के पिता आलम की आंखों में सिर्फ एक सवाल है बेटा चला गया, लेकिन उसका चेहरा तक नहीं देख सके। फातिहा तक नहीं पढ़ पाए। इतना हक भी नहीं मिला? परिवार का आरोप है कि गुलजार के सिर व गले में गंभीर चोट थी, जिससे उसकी मौत हुई। लेकिन अब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट उन लोगों को नहीं मिला।

    वहीं पुलिस का कहना है कि गुलजार को चोट कैसे लगी इसकी जांच चल रही है।पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर मेडिकल एक्सपर्ट की राय ली जाएगी। दावा है कि घटना वाले दिन स्टेशन के पास लगे सीसी कैमरों कैमरों में गुलजार अपने दोस्त अली के साथ दिखा था।

    फुटेज में दोनों शराब पीते नजर आए थे। इसके बाद गुलजार की लाश मिली, लेकिन मौत कैसे हुई।इसकी कड़ियां अब भी नहीं जुड़ी है। गुलजार का मोबाइल फोन अली के पास से बरामद हुआ था, जिसे चोरी के आरोप में जीआरपी ने गिरफ्तार कर जेल भेजा है।फोन अब भी जीआरपी थाने में है।परिवार ने साफ कर दिया है कि जब तक बेटे को इंसाफ नहीं मिलता, वह मोबाइल नहीं लेंगे।

    कब क्या हुआ :

    • 7 मई: गुलजार अली के साथ निकला, रात में पिता से फोन पर बात हुई बोला काम बढ़ गया है।
    • 8 मई: मोबाइल फोन जीआरपी के पास मिला, अली चोरी में पकड़ा गया।
    • 9–14 मई: परिवार गुलजार को तलाशता रहा, थानों और जेल के चक्कर लगाए।
    • 15 मई: सूचना मिली कि एक शव मिला था जिसे लावारिस मानकर दफन कर दिया गया।
    • 16 मई: फोटो और कपड़ों से शव की पहचान गुलजार के रूप में की गई।
    • 31 मई: मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में गुहार के बाद कैंट थाने में अली पर हत्या का मुकदमा दर्ज।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवक के सिर में चोट लगने की बात सामने आयी है।किस परिस्थिति में और कैसे चोट लगी इसकी जांच कराई जा रही है।कब्र से शव निकालने के लिए मजिस्ट्रेट को पत्र लिखा गया है।जल्द ही गुत्थी सुलझा ली जाएगी।- अभिनव त्यागी, एसपी सिटी