गोरखपुर शहर में पहुंच रही असलहों की खेप, मध्य प्रदेश-हरियाणा नया रूट
गोरखपुर और आसपास के जिलों में असलहों की तस्करी के लिए मध्य प्रदेश और हरियाणा नया सप्लाई रूट बन गए ...और पढ़ें
-1791426286428_m.webp)
तीन साल में 200 से अधिक पिस्टल आने की जांच,नेटवर्क की तलाश में पुलिस। सांकेतिक तस्वीर
HighLights
मध्य प्रदेश-हरियाणा गोरखपुर में असलहा तस्करी का नया रूट।
तीन वर्षों में 200 से अधिक असलहे गोरखपुर में बेचे गए।
बिश्नोई-गोल्डी गिरोह से जुड़ाव की भी पुलिस कर रही जांच।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। शहर के साथ ही आसपास के जिलों में असलहा पहुंचाने के लिए तस्करों ने मध्य प्रदेश और हरियाणा को नया सप्लाई रूट बना लिया है। हाल में पकड़े गए असलहा तस्करों से पूछताछ और बरामदगी के बाद पुलिस की जांच इसी दिशा में आगे बढ़ रही है।
पुलिस के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में 200 से अधिक असलहे गोरखपुर और आसपास के जिलों में पहुंचाकर बेचे जाने की जानकारी सामने आई है। अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि मध्य प्रदेश और हरियाणा से हथियार किन माध्यमों से गोरखपुर पहुंचे और यहां किन लोगों तक उनकी सप्लाई हुई।
सोमवार की रात में मिर्जापुर के रहने वाले रितेश दत्त त्रिपाठी से पूछताछ में मध्य प्रदेश के बुरहानपुर का नाम सामने आया। रितेश के कब्जे से दो .32 बोर पिस्टल मिली जिसे उसने प्रयागराज के नैनी निवासी राजू यादव के साथ जाकर खरीदी थी। तस्कर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब राजू यादव की भूमिका और बुरहानपुर में पिस्टल उपलब्ध कराने वाले लोगों की जानकारी जुटा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि सिक्टौर में रहने वाले जिस डाक्टर को असलहा देने के लिए रितेश गोरखपुर आाय था वह कौन है।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में पिछले तीन वर्षों के दौरान गोरखपुर और आसपास के जिलों में 200 से अधिक पिस्टल की बिक्री की जानकारी सामने आई है। यह संख्या अलग-अलग मामलों में पकड़े गए तस्करों से मिली जानकारी के आधार पर जांच का हिस्सा है।
अब पुलिस पुराने मामलों और हाल में पकड़े गए आरोपितों के मोबाइल नंबरों को जोड़कर यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी संख्या में असलहे किन लोगों तक पहुंचे। सीओ कैंट अरुण कुमार एस ने बताया कि असलहा तस्करी के पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। जल्द ही इस मामले में कई और लोगों की गिरफ्तारी होगी।
बिश्नोई-गोल्डी गिरोह से जुड़ाव की भी जांच
हाल में पकड़े गए कुछ आरोपितों ने पूछताछ में लारेंस बिश्नोई-गोल्डी बराड़ गिरोह से जुड़े लोगों के संपर्क की जानकारी दी थी। इसी क्रम में कुछ अन्य असलहा तस्करों के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस यह जांच रही है कि मध्य प्रदेश-हरियाणा से आने वाला असलहा इसी नेटवर्क के जरिए पूर्वांचल में पहुंच रहा था या अलग-अलग गिरोह अपने-अपने स्तर पर हथियार मंगा रहे थे।
यह भी पढ़ें- गोरखपुर-गोंडा रूट पर सफर करने से पहले पढ़ें यह खबर, 10-11 को निरस्त रहेंगी 12 ट्रेनें; 26 का बदल जाएगा मार्ग
पुलिस की जांच में अब सप्लायर, रास्ता, स्थानीय एजेंट, खरीदार और हथियारों के इस्तेमाल की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। बरामद पिस्टलों के स्रोत का पता लगाने के साथ पुराने मामलों में इस्तेमाल हथियारों का भी मिलान कराया जा रहा है।
