गोरखपुर में मुनाफे का झांसा देकर ठग लिए लाखों, निवेशक पहुंचे पुलिस के दरवाजे
गोरखपुर में आस्था ट्रेडिंग कंपनी के खिलाफ निवेशकों ने एसएसपी से शिकायत की है जिसमें कंपनी पर आकर्षक रिटर्न का वादा करके धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया गया है। कंपनी संचालक विश्ववजीत श्रीवास्तव पर पहले भी ऐसे मामले दर्ज हैं। निवेशकों को कम निवेश पर अधिक रिटर्न का लालच दिया गया और बाद में धोखा दिया गया।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। रुपये लगाइए और मुनाफा पाते जाइए...यही सपना दिखाकर शाहपुर के खजांची चौक स्थित आस्था ट्रेडिंग कंपनी ने कई निवेशकों को अपने जाल में फंसा लिया। लेकिन जब रिटर्न का वक्त आया तो कंपनी के दफ्तर के दरवाजे बंद मिले। परेशान निवेशक गुरुवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचे और कंपनी संचालक विश्ववजीत श्रीवास्तव के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
निवेशकों का आरोप है कि कंपनी ने उन्हें तेज रिटर्न का वादा किया था। शुरुआत में भरोसा जमाने के लिए कुछ रकम लौटाई भी गई, लेकिन बाद में न तो मूलधन मिला और न ही मुनाफा।
लगातार टालमटोल से परेशान होकर निवेशकों ने एसपी सिटी और अब एसएसपी को शिकायत दी है। मामला फिलहाल शाहपुर थाना पुलिस जांच रही है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक कंपनी संचालक विश्ववजीत श्रीवास्तव का पुराना ट्रैक रिकॉर्ड भी संदिग्ध है। उनके खिलाफ लखनऊ में भी इसी तरह का मुकदमा दर्ज है।
खजांची चौक के पास 2016 में खोला था कार्यालय
साइबर ठगी और शेयर मार्केट में निवेश का झांसा देकर करोड़ों हड़पने वाले गिरोह का सरगना विश्वजीत श्रीवास्तव ने गोरखपुर के अलावा आसपास के जिलों में धोखाधड़ी का साम्राज्य खड़ा कर लिया था।
वर्ष 2016 में चरगांवा के राणा हास्पिटल के पास उसने कार्यालय खोला। खुद को ट्रेडिंग एक्सपर्ट बताते हुए उसने लोगों का भरोसा जीता इसके बाद ठगी की जाल को मजबूत करने के लिए चेन मार्केटिंग शुरू की। इसके जरिए उसने अपने नेटवर्क को बिहार व झारखंड तक फैला लिया।
निवेशकों को प्रलोभन देने के लिए उसने सोने के आभूषण की दुकान भी खोली और कई व्यापारियों को झांसे में ले लिया।
कैसे पहचानें फर्जी ट्रेडिंग कंपनी?
- कम निवेश में दोगुणा-तीन गुणा रिटर्न का झांसा।
- सेबी या अन्य रेगुलेटरी अथॉरिटी का लाइसेंस देखे बिना पैसा न लगाएं।
- असली कंपनियां जोखिम बताती हैं, फर्जी सिर्फ फायदा दिखाती हैं।
- मौखिक वादों पर भरोसा न करें, लिखित एग्रीमेंट जरूर देखें।
- पहले से दर्ज शिकायतें या मुकदमे हों तो तुरंत दूरी बना लें।
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