Gita Press: अब ऑनलाइन पढ़ सकेंगे गीता प्रेस की 500 किताबें, नहीं देना होगा कोई शुल्क
गीता प्रेस 15 भाषाओं में लगभग 1850 तरह की पुस्तकें प्रकाशित करता है। वहीं पाठकों की सुविधा के लिए गीता प्रेस की वेबसाइट पर 195 पुस्तकें अभी तक अपलोड हो चुकी हैं। दिसंबर तक सभी 500 पुस्तकों को वेबसाइट पर अपलोड करने का लक्ष्य है।

गोरखपुर, गजाधर द्विवेदी। गोरखपुर गीता प्रेस से प्रकाशित होने वाली 500 प्रकार की पुस्तकें वेबसाइट पर निश्शुल्क पढ़ने को मिलेंगी। पुस्तकों को अपलोड करने का काम चल रहा है, जो दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। पुस्तकों को डाउनलोड करने की सुविधा नहीं होगी। इनमें हिंदी के अलावा बंगला, मराठी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम, गुजराती, मराठी, उड़िया, नेपाली, असमिया व अंग्रेजी में प्रकाशित श्रीरामचरितमानस, श्रीमद्भगवद्गीता समेत अनेक कल्याणकारी पुस्तकें शामिल हैं।
गीता प्रेस के ट्रस्टी देवी दयाल अग्रवाल के अनुसार गीता प्रेस का काम धार्मिक पुस्तकों को लोगों तक पहुंचाना है। जो लोग किसी कारणवश पुस्तकें नहीं खरीद पाते। उन्हें पुस्तकें पढ़ने को मिलें, इसलिए वेबसाइट पर अपलोडिंग शुरू कर दी गई है। अभी 500 पुस्तकों को अपलोड करने का निर्णय है।
वेबसाइट पर हैं कई पुस्तकें
गीता, श्रीरामचरितमानस, श्रीमद्भागवत कथा, शिवपुराण कथा सार, श्रीमद्भागवत माहात्म्य, गीतावली, तुकाराम चरित्र, सती द्रोपदी, विदुर नीति, भगवत दर्शन की उत्कंठा, आत्मोद्धार के सरल उपाय, भक्ति भक्त भगवान, धर्म क्या है, उपनिषदों के रत्न, मानव धर्म, नारद भक्ति सूत्र।
इन भाषाओं में हैं इतनी पुस्तकें
हिंदी 147
अंग्रेजी 05
तमिल 02
बांग्ला 09
गुजराती 05
मराठी 08
कन्नड़ 04
मलयालम 03
उड़िया 03
तेलुगु 04
असमिया 04
नेपाली 01
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