Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Gita Press: अब ऑनलाइन पढ़ सकेंगे गीता प्रेस की 500 किताबें, नहीं देना होगा कोई शुल्क

    By Jagran NewsEdited By: Pragati Chand
    Updated: Thu, 15 Jun 2023 04:52 PM (IST)

    गीता प्रेस 15 भाषाओं में लगभग 1850 तरह की पुस्तकें प्रकाशित करता है। वहीं पाठकों की सुविधा के लिए गीता प्रेस की वेबसाइट पर 195 पुस्तकें अभी तक अपलोड हो चुकी हैं। दिसंबर तक सभी 500 पुस्तकों को वेबसाइट पर अपलोड करने का लक्ष्य है।

    Hero Image
    अब इंटरनेट पर फ्री में पढ़ सकेंगे गीता प्रेस की 500 किताबें। -जागरण

    गोरखपुर, गजाधर द्विवेदी। गोरखपुर गीता प्रेस से प्रकाशित होने वाली 500 प्रकार की पुस्तकें वेबसाइट पर निश्शुल्क पढ़ने को मिलेंगी। पुस्तकों को अपलोड करने का काम चल रहा है, जो दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। पुस्तकों को डाउनलोड करने की सुविधा नहीं होगी। इनमें हिंदी के अलावा बंगला, मराठी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम, गुजराती, मराठी, उड़िया, नेपाली, असमिया व अंग्रेजी में प्रकाशित श्रीरामचरितमानस, श्रीमद्भगवद्गीता समेत अनेक कल्याणकारी पुस्तकें शामिल हैं।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    गीता प्रेस के ट्रस्टी देवी दयाल अग्रवाल के अनुसार गीता प्रेस का काम धार्मिक पुस्तकों को लोगों तक पहुंचाना है। जो लोग किसी कारणवश पुस्तकें नहीं खरीद पाते। उन्हें पुस्तकें पढ़ने को मिलें, इसलिए वेबसाइट पर अपलोडिंग शुरू कर दी गई है। अभी 500 पुस्तकों को अपलोड करने का निर्णय है।

    वेबसाइट पर हैं कई पुस्तकें

    गीता, श्रीरामचरितमानस, श्रीमद्भागवत कथा, शिवपुराण कथा सार, श्रीमद्भागवत माहात्म्य, गीतावली, तुकाराम चरित्र, सती द्रोपदी, विदुर नीति, भगवत दर्शन की उत्कंठा, आत्मोद्धार के सरल उपाय, भक्ति भक्त भगवान, धर्म क्या है, उपनिषदों के रत्न, मानव धर्म, नारद भक्ति सूत्र।

    इन भाषाओं में हैं इतनी पुस्तकें

    हिंदी    147

    अंग्रेजी  05

    तमिल   02

    बांग्ला    09

    गुजराती 05

    मराठी   08

    कन्नड़    04

    मलयालम  03

    उड़िया      03

    तेलुगु         04

    असमिया    04

    नेपाली       01