कुशीनगर : बिहार बार्डर के समीप स्थित सलेमगढ़ टोल प्लाजा पर बुधवार को तरयासुजान पुलिस ने प्राइवेट बस से चार बाल श्रमिकों को मुक्त कराया। यह अकेले ही सफर कर रहे थे। पुलिस ने अभिभावकों को इसकी सूचना दे श्रमिकों को चाइल्ड लाइन को सौंप दिया गया और उनकी काउंसिलिग की जा रही है। यह सभी पूर्णिया बिहार से दिल्ली जा रहे थे।

प्रभारी निरीक्षक कपिलदेव चौधरी फोरलेन पर गश्त पर थे। इसी बीच सूचना मिली कि बिहार से दिल्ली जा रही बस में बाल श्रमिक मौजूद हैं। पुलिस टीम सलेमगढ़ स्थित टोल प्लाजा पर वाहनों की जांच शुरू कर दी। इस दौरान बिहार से आई बस को रोक पुलिस ने तलाशी ली तो उसमें चार बाल श्रमिक मिले। उनके साथ कोई अभिभावक या जिम्मेदार व्यक्ति नहीं था। पुलिस उन्हें थाने ले गई और इसकी सूचना चाइल्ड लाइन को दी। पूछताछ करने पर बाल श्रमिकों ने बताया कि पूर्णिया में उन्हें बस में बैठा दिया गया, बैठाने वाले दिल्ली में मिलने की बात कहे। श्रमिकों ने बताया कि वे परिवार वालों की मर्जी से दिल्ली जा रहे थे। चारों की उम्र 12 से 14 वर्ष के बीच है। यह सभी पिपरपाती थाना जलालगढ़ जिला पूर्णिया बिहार के निवासी हैं।

सीओ फूलचंद कन्नौजिया ने बताया कि बाल श्रमिकों को मुक्त कराकर चाइल्ड लाइन को सौंप दिया गया है। बाल श्रमिक परिवार की मर्जी से मकान निर्माण कराने वाली कंपनी के ठीकेदार के जरिये दिल्ली जा रहे थे। आगे नियमानुसार कार्रवाई होगी।

सीएचसी से बाइक चोरी

हाटा नगर स्थित सीएचसी परिसर से बुधवार को बाइक चोरी हो गई। हाटा कोतवाली क्षेत्र के गांव गौनर निवासी आशुतोष कुमार सिंह दोपहर में कोविड रोधी टीका लगवाने के लिए सीएचसी गए। एक घंटे बाद बाहर आए तो परिसर से बाइक गायब थी। उन्होंने पुलिस को तहरीर दी है।