सिद्धार्थनगर में बांध टूटने से भारी तबाही, कई गांवों में घुसा पानी, चार और बंधों पर भी खतरा
सिद्धार्थनगर में बांध टूटने से भारी तबाही हुई है। दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी घुसने के बाद जिले में 312 गांवों की बिजली कट गई है। प्रशासन ने बचाव कार्य शुरू कर दिया है। कई अन्य बांधों पर खतरा मंडरा रहा है।

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। सिद्धार्थनगर में सोनौली नानकार के पास अशोकवा-मदरहवा बांध टूट गया है। कटान का दायरा बढ़ता ही जा रहा है। निकट के गांवों में बाढ़ का पानी तेजी से भरने लगा है। घरों में घुस रहे पानी को देख लोग अब पलायन करने लगे हैं। हर तरफ अफरा-तफरी का माहौल छाया हुआ है। चार अन्य स्थानों पर बांध में रिसाव हो रहा है। भारी तबाही की कहानी लिखने को बूढ़ी राप्ती आतुर है।
दर्जनों गांवों में घुसा बाढ़ का पानी
बांध टूटने से आसपास के दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। कई और गांवों पर भी खतरा मंडरा रहा है। बूढ़ी राप्ती नदी के लगातार बढ़े जलस्तर से पहले ही बांध टूटने की शंका प्रकट की जा रही थी। बुधवार को ही रिसाव हो रहा था, पर जिम्मेदारों ने कोई ध्यान नहीं दिया। जिसकी वजह से बीती रात करीब 1.00 बजे बांध कट गया। लगातार कटान का दायरा बढ़ने से नदी की धारा गांव की ओर मुड़ गई है। सोनौली नानकार की बुरी स्थिति हो गई है। ग्राम प्रधान तेज प्रताप जायसवाल ने बताया कि कल ही तहसील प्रशासन, पुलिस और सिंचाई विभाग को सूचना दी थी कि बाढ़ के पानी का दबाव काफी बढ़ गया है, कभी भी बांध कट सकता है। पुलिस को छोड़कर मौके पर कोई झांकने तक नहीं आया। बांध टूटने से सोनौली, औरहवा, बडुइया, नवेल, गौरडीह, रतनपुर, मिश्रौलिया गांवों में पानी तेजी से घुस रहा है। उधर लमुइया, मधवापुर, होरिलापुर, परसोहिया में भी बांध रिसाव कर रहा है। जहां सिंचाई विभाग के अधिकारी बचाव कार्य में लगे हुए हैं।
एसओ ने कहा
थानाध्यक्ष मिश्रौलिया घनश्याम सिंह ने कहा कि रात में ही फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए हैं। स्थिति बड़ी विकट है। कटान का दायरा लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए कहा जा रहा है।
क्या कहते हैं तहसीलदार
तहसील धर्मवीर भारती ने कहा कि रात में बांध कट है। वे मौके पर जा रहे हैं। बचाव एवं राहत कार्य की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। सिंचाई विभाग के अधिकारियों को सुरक्षा की दृष्टि से हर स्तर पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं।
नदियों का जलस्तर (बुधवार सुबह आठ बजे)
नदी- खतरे का निशान (मी.) जलस्तर (मी.)
बानगंगा- 93.420- 90.800
राप्ती- 84.900- 85.280
बूढ़ी राप्ती- 85.650- 87.340
कूड़ा (उसका बाजार)- 83.520- 83.370
कूड़ा (आलमनगर)- 87.200- 85.400
घोघी- 87.000- 86.000
तेलार (पहाड़ी नाला)- 87.500- 85.300
जमुआर (पहाड़ी नाला)- 84.890- 83.750
12 घंटे में हुई वर्षा
गेज- वर्षा (मिमी में)
बानगंगा- 5
बांसी- 10.4
नौगढ़- 5
312 गांवों में बिजली आपूर्ति ठप
बाढ़ पीड़ितों की जान बचाने के लिए बिजली विभाग ने 312 गांवों की बिजली आपूर्ति रोक दी है। डुमरियागंज सब स्टेशन में पानी घुसने की वजह से विभाग ने आपूर्ति रोकने का फैसला किया है। इससे जुड़े छह उपकेंद्रों पर दो दिनों से बिजली की आपूर्ति नहीं हो रही है। इसकी वजह से करीब तीन सौ गांवों की सवा लाख से अधिक की आबादी प्रभावित हुई है। वहीं नौगढ़ उपकेंद्र से जुड़े12 गांवों की बिजली आपूर्ति भी बाढ़ की वजह से अस्थायी तौर पर रोकी गयी है। डुमरियागंज के सिरसिया में 132 केवी का उपकेंद्र स्थापित है।
नौगढ़ उपकेंद्र से जुड़े इन गांवों में रोकी गयी है आपूर्ति
नौगढ़ उपकेंद्रों से जुड़े जिन गांवों मंे बिजली की आपूर्ति रोकी गयी है उनमें अमरिया, संगलदीप, फत्तेपुर, पुरैना, टडिया बाजार, पठखौली, धुसवा राजा, वैरवानानकार, गायघाट, अजगरा, मारूखरकला, डुमरिया खुर्द, पेड़ारी खुर्द शामिल है। सभी गांव बूढी राप्ती नदी के बाढ के पानी से घिरे हुए हैं।

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