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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 28, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बीआरडी मेडिकल कालेज में जूनियर डाक्टरों और तीमारदार में मारपीट, हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज

By Jagran NewsEdited By: Pradeep Srivastava
Published: Fri, 28 Oct 2022 07:13 PM (IST)

बाबा राघव दास मेडिकल कालेज (BRD Medical College) में मरीज के तीमारदारों व जूनियर डाक्टरों में शुक्रवार को जमकर मारपीट ...और पढ़ें

बाबा राघवदास मेडिकल कालेज गोरखपुर। - फाइल फोटो
बाबा राघवदास मेडिकल कालेज गोरखपुर। - फाइल फोटो

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। बीआरडी मेडिकल कालेज गोरखपुर के मेडिसिन वार्ड में भर्ती एक रोगी के तीमारदारों व जूनियर डाक्टरों में शुक्रवार को मारपीट हो गई। तीमारदारों का आरोप है कि बेहतर उपचार के अनुरोध पर जूनियर डाक्टरों ने उन्हें मारा-पीटा। जूनियर डाक्टरों ने तीमारदारों पर मारने-पीटने का आरोप लगाते हुए पुलिस में तहरीर दी और हड़ताल पर चले गए। पुलिस ने तीमारदारों समेत छह लोगों पर मारपीट व हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर लिया है। बीच-बचाव करने गए होमगार्ड को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने होमगार्ड व एक अन्य को हिरासत में ले लिया है। पूछताछ जारी है। इसके बाद जूनियर डाक्टरों ने हड़ताल वापस ली।

दर्जन भर डाक्टरों ने घेरकर पीटा

पिपराइच के भिसवा निवासी 55 वर्षीय घनश्याम राजभर सुबह छठ का बाजार करने पिपराइच जा रहे थे। इसी दौरान उन्हें फालिज मार दिया। वह गिरकर बेहोश हो गए। उन्हें मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया। बहू गोल्डी व पत्नी प्रमोद राजभर देखने पहुंचीं। वह स्वजन से कह रही थीं कि अभी तक बेहोश हैं और स्थिति में सुधार नहीं है। इसी बीच जूनियर डाक्टर पहुंचे, उनसे भी उन्होंने यही बात कही और अच्छा उपचार करने का अनुरोध किया। इस बात को लेकर कहा-सुनी व मारपीट हो गई। लगभग एक दर्जन डाक्टर एकत्रित हो गए। तीमारदार गोल्डी राजभर का आरोप है कि दर्जन भर जूनियर डाक्टर मुझे और भाई गोलू राजभर, देवर राहुल राजभर को लाठी डंडा से मारे-पीटे। राहुल राजभर का सिर फट गया है। एक होमगार्ड ने उन्हें छुड़ाया। इस बीच वार्ड की गैलरी में लगे लोहे के गेट को गार्ड ने बंद कर दिया। दूसरे रोगियों के तीमारदार जब मारपीट देखे तो धक्का देकर गेट खोल दिए। तब किसी तरह राहुल व गोलू वहां से जान बचाकर भागे।

जूनियर डाक्टरों ने भी लगाया आरोप

दूसरी तरफ जूनियर डाक्टरों का आरोप है कि तीमारदार जूनियर डाक्टरों को मारे-पीटे हैं। छह जूनियर डाक्टरों को चोटें आई हैं। विभागाध्यक्ष मेडिसिन डा. महिम मित्तल ने तहरीर दी है कि रोगी का उपचार चल रहा था। जूनियर डाक्टर मेडिकल हिस्ट्री ले रहे थे। रोगी के तीमारदार बार-बार पूछ रहे थे तथा सरकारी काम में बाधा उत्पन्न कर रहे थे। इसी के साथ ड्यूटी पर तैनात जूनियर डा. सुशांत, डा. रोहित शर्मा को मारने -पीटने लगे। डा. अबरार को दांत से काट लिए। बचाव में पहुंचे डा. विष्णु दुबे, डा. असीम यादव एवम डा. अफरोज नैयर को भी मारे-पीटे।

बीच-बचाव करने गए होमगार्ड को भी बनाया गया आरोपी

डा. महिम मित्तल की तहरीर पर पिपराइच के भिसवा निवासी राहुल, चिलुआताल के नकहा नंबर-एक निवासी गोलू, चौरीचौरा के विशुनपुरा बाबू निवासी होमगार्ड जयगोविंद और कुशीनगर जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र स्थित भरसा नरायन गांव निवासी रामकिशुन व दो अन्य के विरुद्ध सरकारी काम में बाधा उत्पन्न करना, हत्या का प्रयास, मारपीट समेत आधा दर्जन धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया है। डा. महिम ने बताया कि तीमारदारों ने डाक्टरों के दुर्व्यवहार किया। पुलिस में आरोपितों के विरुद्ध तहरीर दी गई है।