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    ओमिक्रोन के खतरे के बीच गंदगी में चल रहा जिला संयुक्त चिकित्सालय

    By Navneet Prakash TripathiEdited By:
    Updated: Tue, 14 Dec 2021 09:50 AM (IST)

    काेरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन को लेकर सजगता बरती जा रही है और साफ-सफाई को लेकर जोर दिया जा रहा है लेकिन इसका असर कुशीनगर के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर नहीं दिख रहा है। जिला संयुक्त चिकित्सालय के इमरजेंसी से लेकर ओपीडी में गंदगी दिख रही है।

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    जिला अस्पताल में बर्न वार्ड के बगल में गंदगी। जागरण

    गोरखपुर, जागरण संवाददाता। काेरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन को लेकर शासन स्तर पर सजगता बरती जा रही है और साफ-सफाई को लेकर जोर दिया जा रहा है, लेकिन इसका असर कुशीनगर के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर नहीं दिख रहा है। यही कारण है कि जिला संयुक्त चिकित्सालय के इमरजेंसी से लेकर ओपीडी में गंदगी दिख रही है। वार्ड में जगह-जगह फैली गंदगी के बीच रोगी व स्वजन के रहने की मजबूरी है। 13 दिसंबर को कुछ ऐसा ही नजारा जागरण टीम को देखने को मिली। मुख्य प्रवेश द्वार पर बेतरतीब खड़े वाहन खड़े दिखे, जहां टेंपो चालक सवारी बैठाते मिले।

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    हर तरफ दिखती है गंदगी

    परिसर में अंदर घुसते ही सफाईकर्मियों की लापरवाही से परिसर, बर्न वार्ड के बगल, रोगी के बैठने के लिए बने बेंच पर गंदगी देखने को मिली। 100 बेड के इस अस्पताल के भर्ती मरीजों को सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं मिल रहा है। कोरोना संक्रमण काल में गंदगी के बीच इलाज से रोगी व उनके स्वजन भयभीत हैं।

    इलाज का इंतजाम नाकाफी

    जिला संयुक्त चिकित्सालय में मरीजों के इलाज का इंतजाम नाकाफी साबित हो रहा है। सुबह व रात में ठंड की वजह से सरकारी और निजी अस्पतालों में सांस, सर्दी, खांसी, जुखाम, बुखार से पीड़ित मरीजों की भीड़ है। ओपीडी में प्रतिदिन 400 से 500 मरीज इलाज कराने आ रहे हैं, जिसमें वायरल फीवर, हड्डी, त्वचा,हृदयरोग संबंधी मरीज शामिल हैं। ओपीडी में अपने कक्ष में देर सबेर पहुंच रहे चिकित्सक कुछ देर बाद छोड़ दे रहे हैं।

    कहते हैं मरीज

    सेमरा हर्दो निवासी घनश्याम सिंह ने कहा कि सुबह नौ बजे से इंतजार कर रहा हूं। तीन घंटे बीतने के बाद चिकित्सक कक्ष में नहीं पहुंचे। नगर के तिलकनगर के पप्पू ने बताया कि ओपीडी में गंदगी के बीच जाना पड़ रहा है। कहा कि खुद को दिखाना था, लेकिन डाक्टर साहब आए ही नहीं। अंबेडकरनगर के प्रेमचंद का कहना है कि गंभीर बीमारी से संबंधित दवाएं उपलब्ध न होने से बाहर से खरीदना पड़ रहा है। गुनागरपट्टी के रवींद्र सिंह ने बताया कि वार्ड में जगह-जगह गंदा पानी पसरा हुआ है,लेकिन उसकी सफाई नहीं हो रही है। इससे वार्ड में रहना मुश्किल हो रहा है।

    तय की जाएगी जवाबदेही

    जिला संयुक्त चिकित्सालय के सीएमएस डा. एसके वर्मा बताते हैं कि सभी चिकित्सकों को ओपीडी में समय से बैठने के निर्देश दिए गए हैं। वार्ड व परिसर में सफाई के लिए कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। जवाबदेही तय है कार्रवाई भी होगी।