जागरण एजेंडा: गोरखपुर में देवरिया बाईपास का काम अधूरा, डांट-फटकार और डेडलाइन भी बेअसर
गोरखपुर में देवरिया बाईपास का निर्माण कार्य निर्धारित समय के बाद भी अधूरा है, जिससे लोगों को परेशानी हो रही ...और पढ़ें
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देवरिया बाईपास सड़क और नाले पर बिखरा केबल। जागरण
HighLights
देवरिया बाईपास का निर्माण कार्य निर्धारित समय से पीछे।
सड़क पर बिजली के पोल, अधूरे नाले बड़ी समस्या।
अधिकारियों की डांट-फटकार, डेडलाइन भी बेअसर साबित हुई।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। अधिकारियों की डांट-फटकार, कई बार डेडलाइन निर्धारण के बाद भी देवरिया बाईपास का काम अब भी अधूरा है। कहीं सड़क पर पोल हटाए नहीं गए हैं तो कहीं डक्ट में भूमिगत केबल के ऊपर ट्रेंच गिरे पड़े हैं। केबल पानी में बिछे हैं। सड़क अधूरी है। खोराबार में मेडिसिटी के सामने अभी काम पूरी नहीं हो पा रहा है।
नाला का स्लैब कहीं ऊंचा है तो कहीं काफी नीचे है। ऐसे में फुटपाथ पर चलने वाले बुजुर्गों, बच्चों व महिलाओं को दिक्कत होनी तय है। दैनिक जागरण ने शुक्रवार को देवरिया बाईपास फोरलेन के कार्यों की पड़ताल की।
सूबा बाजार की तरफ से अभी किनारे की तरफ सड़क बनाई जा रही है। यानी सड़क अब भी अधूरी है। डिवाइडर पर रेलिंग लगा दी गई है लेकिन सिक्टौर की तरफ बढ़ने पर सड़क पर पोल हैरान कर रहे हैं। कुछ पोल पर अब भी 11 हजार वोल्ट की लाइन के तार हैं तो कुछ पोल बिना तार के ही खड़े हैं।
बगल में गुजर रहे नाले के डक्ट मे गंदे पानी के नीचे केबल बमुश्किल दिख रही है। व्यवस्था यह है कि केबल ट्रेंच पर बिछाए जाएंगे लेकिन ज्यादातर जगहों पर केबल डक्ट के फर्श पर हैं और उसके ऊपर लोहे के ट्रेंच गिरे हुए हैं। कुछ जगहों पर तो ट्रेंच ही गायब हो चुके हैं। आसपास के लोगों का कहना है कि ट्रेंच के लोहे के एंगल पर चोरों की निगाह गड़ गई है। आए दिन चोरी हो रही है।

इस संबंध में लोक निर्माण विभाग में प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता आरपी सिंह को फोन किया गया लेकिन उन्होंने काल नहीं रिसीव की। वाट्सएप पर पूछे गए सवालों का भी उन्होंने जवाब नहीं दिया।
पिछले साल ही पूरा होना था निर्माण
देवरिया बाईपास का निर्माण पिछले साल मई में पूरा हो जाना चाहिए था लेकिन अब तक काम चल ही रहा है। रुस्तमपुर के पास देवरिया बाईपास पर नाला का काम भी देर से शुरू होने के कारण भी काम प्रभावित हुआ। सूबा बाजार से सिक्टौर की तरफ बढ़ने पर सड़क के किनारे के हिस्से कई जगह पर अधूरे मिले। नाले पर रखे गए स्लैब भी बेतरतीब मिले। कई जगहों पर नाले में ही बिजली के पोल हैं। इन पोल के कारण नाला पर स्लैब नहीं लग पा रहा है। इस कारण हमेशा हादसे की आशंका बनी हुई है।
नाला अभी अधूरा
गंगा रिजार्ट के पास गहरा नाला अभी अधूरा है। यहां पुल की रेलिंग बनाकर उस पर पेंटिंग भी करा दी गई है लेकिन नाले का पानी निकालने को लेकर अभी योजना बन रही है। सहारा एस्टेट के पास पुल की रेलिंग पर ट्रेंच लगाकर बिजली के केबल गुजारे गए हैं। लोगों का कहना है कि ट्रेंच पुल के निचले हिस्से से गुजारे जाने चाहिए थे लेकिन जल्दबाजी में इसे ऊपर कर दिया गया है।

बिजली की समस्या जस की तस
खोराबार में 220 केवी क्षमता का पारेषण उपकेंद्र तकरीबन तीन वर्ष से बनकर तैयार है। इस पारेषण उपकेंद्र से महानगर के सात वितरण उपकेंद्रों को बिजली मिलनी है लेकिन केबल न बिछाए जाने के कारण इस काम में भी देर हो रही है। इसका खामियाजा बिजली उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। खोराबार पारेषण उपकेंद्र से बिजली मिलने के बाद मोहद्दीपुर पारेषण उपकेंद्र का भार भी कम होगा।
फैक्ट फाइल
- योजना का नाम- देवरिया बाईपास सड़क का फोरलेन में चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण कार्य
- लंबाई - 9.50 किलोमीटर
- लागत - 399.24 करोड़ रुपये
- कार्य शुरू होने की तिथि - 24-03-2023
- निर्माण पूरा करने की तिथि - मई 2025
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