ठगी से लोगों को बचाने में सहायक है साइबर दोस्त, यहां शिकायतें दर्ज होते ही सक्रिय होगी पुलिस
साइबर दोस्त ट्विटर हैंडल पर शिकायतें दर्ज होते ही मामले को लेकर पुलिस सक्रिय हो जाएगी। वहीं पुलिस के यूपीकाप एप में भी साइबर जागरूकता को लेकर विशेष प्रबंधन किए गए हैं। साइबर ठगी से बचने के लिए साइबर दोस्त के प्रचार प्रसार पर महराजगंज पुलिस का जोर है।

महराजगंज, जेएनएन। साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच पुलिस की यूपीकाप एप को जनउपयोगी बनाने के लिए इस पर विशेष प्रबंधन शुरू किए गए हैं। साइबर ठगी के शिकार हुए नागरिकों के दायित्वों और ठगी होने के बाद पुलिस को सूचना देने के लिए इस एप से ही उन्हें जागरूक किए जाने का प्लान है। इसलिए इससे जुड़े नागरिक न सिर्फ बचाव के उपाय जान सकते हैं, बल्कि विभाग द्वारा संचालित साइबर दोस्त नामक ट्विटर हैंडल से अपनी समस्या भी दर्ज करा सकते हैं। महराजगंज जिले के पुलिस अधीक्षक डा. कौस्तुभ ने इसको लेकर विशेष प्रचार प्रसार का निर्देश दिया है।
नए तरीकों को अपनाकर वारदात कर रहे जालसाज: बदलते दौर में ठगों ने ठगी के कई नए तरीके भी अपनाने शुरू कर दिए हैं। इसमें सर्वाधिक अगर कोई रास्ता है तो वह आनलाइन ठगी है। इसी वर्ष महराजगंज में अबतक 653 से अधिक लोगों को इन अपराधियों ने शिकार बनाया है। यह आंकड़ा वह है जिन लोगों ने शिकायतें दर्ज कराई हैं। अभी ऐसे कई मामलों में लोग शिकायतें ही नहीं दर्ज कराते हैं।
शिकायत न करने की वजह से साइबर अपराधी नित अपने मंसूबों में कामयाब हो जाते हैं। इसी को देखते हुए पुलिस की यूपीकाप पर विशेष सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसकी जानकारी के लिए मोबाइल में यूपीकाप एप पर सूचना और साइबर जागरूकता का नया विकल्प शुरू किया गया है। साथ ही इससे साइबर दोस्त नामक ट्विटर हैंडल भी जोड़ा गया हैं। जहां से लोग अपनी शिकायतें टोल फ्री नंबर 1930 के अलावा सीधे ट्वीट भी कर सकते हैं।
पुलिस अधीक्षक डा. कौस्तुभ ने बताया कि इंटरनेट की बढ़ती उपयोगिता की वजह से साइबर क्राइम के मामले भी बढ़े हैं। ऐसे में आनलाइन ठगी समेत कई प्रकार के अपराध देखने को मिलते हैं। ऐसे में साइबर दोस्त ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए काफी कारगर है, लोगों को अधिक से अधिक इसके बारे में जागरूक किया जाए इसको लेकर निर्देश दिए गए हैं।
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