गोरखपुर, जागरण संवाददाता। कोविड टीकाकरण की सतर्कता डोज निश्शुल्क लगवाने का समय भले ही 30 सितंबर को समाप्त हो गया है। लेकिन वंचित लोगों के लिए राहत भरी खबर है। विभाग के पास अभी 30 हजार डोज बची हुई है, वह कोई भी व्यक्ति यह डोज लगवा सकता है, जिसे दूसरी डोज लगवाने के बाद छह माह पूरे हो चुके हैं। बची हुई डोज खत्म होने के बाद यह सुविधा नहीं मिलेगी। इसके बाद 387 रुपये देकर निजी अस्पतालों में लगवाना होगा।

विभाग के पास बची हैं 30 हजार डोज

कोविड टीकाकरण अभियान में 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों, स्वास्थ्य कर्मियों, अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं को छोड़कर शेष 18 से 59 वर्ष के बीच के सभी लोगों को शुल्क देकर सतर्कता डोज लगवाना था। लेकिन आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर सरकार ने 30 सितंबर तक यह डोज निश्शुल्क कर दिया था। इस दौरान जो लोग डोज नहीं लगवा सके हैं, उनके लिए कुछ और दिनों का मौका है, क्योंकि विभाग के पास 30 हजार डोज बची हुई है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों को विभाग ने निर्देश दे दिया है कि बची हुई सतर्कता डोज लगा दी जाए। किसी को मना न किया जाए।

अभी तक 34 प्रतिशत को ही लग पाई है सतर्कता डोज

निश्शुल्क होने के बाद भी बड़ी संख्या में लोग सतर्कता डोज लगवाने के लिए आगे नहीं आए। दो माह तक चले अभियान में मात्र 34 प्रतिशत को ही यह डोज लगाई जा सकी है। स्वास्थ्य विभाग ने 2864547 लोगों को यह डोज लगाने का लक्ष्य रखा है। अभी तक मात्र 987596 लोगों को ही यह डोज लगाई जा सकी है।

क्या कहते हैं अधिकारी

सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दूबे ने बताया कि सतर्कता डोज निश्शुल्क लगवाने का समय समाप्त हो चुका है। लेकिन हमारे पास अभी 30 हजार डोज बची हुई है। इसलिए अभी स्वास्थ्य केंद्रों पर इसे निश्शुल्क लगाया जा रहा है। वंचित लोग आगे आएं और टीका लगवा लें। इसके खत्म होने के बाद उन्हें पुन: शुल्क देकर यह डोज लगवानी पड़ेगी।

Edited By: Pragati Chand

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