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गोरखपुर में खुले नाले में गिरी बच्ची, नगर निगम की लापरवाही से आठ महीने से अधूरा पड़ा निर्माण

Published: Sun, 04 Oct 2026 09:29 AM (IST)

गोरखपुर के रामजानकीनगर चौराहे पर आठ महीने से अधूरा पड़ा एक नाला खुला छोड़ दिया गया, जिसमें दो अक्टूबर की ...और पढ़ें

रामजानकीनगर में चार महीने पहले खोदकर छोड़ा नाला बन रहा है जानलेवा।

रामजानकीनगर में चार महीने पहले खोदकर छोड़ा नाला बन रहा है जानलेवा।

HighLights

  1. गोरखपुर में आठ महीने से अधूरा पड़ा नाला बना खतरा।

  2. खुले नाले में गिरी बच्ची, स्थानीय युवक ने जान बचाई।

  3. नागरिकों ने नगर निगम से जल्द निर्माण पूरा करने की मांग की।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। रामजानकीनगर चौराहे से स्पोर्ट्स कालेज की ओर जाने वाले मार्ग पर शिव मंदिर के सामने नकहा ओवरब्रिज की ओर मिलने वाली सड़क पर अधूरा पड़ा नाला अब नागरिकों की जान पर भारी पड़ रहा है। करीब आठ महीने से नाला निर्माण अधूरा है और लगभग चार महीने पहले इसकी खुदाई कर इसे खुला छोड़ दिया गया।

हैरानी की बात यह है कि इतने लंबे समय में नगर निगम ने न तो खुले नाले की पर्याप्त बैरिकेडिंग कराई और न ही उसे ढकने की व्यवस्था की। लापरवाही का नतीजा दो अक्टूबर की रात सामने आया, जब खेलते-खेलते एक बच्ची खुले नाले में गिरकर डूबने लगी। आसपास मौजूद लोगों की नजर पड़ने से उसकी जान बच सकी।

एक युवक ने तत्काल नाले में छलांग लगाकर बच्ची को बाहर निकाला। घटना का वीडियो भी प्रसारित है, जिसमें युवक बच्ची को खुले नाले से बाहर निकालता दिखाई दे रहा है। बच्ची की जान बचने के बाद अब स्थानीय लोग नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जल्द से जल्द निर्माण कार्य पूरा करने की मांग कर रहे हैं।

जानकारी के बावजूद सुरक्षा इंतजाम नहीं
पूर्वांचल उद्योग व्यापार मंडल (युवा) के अध्यक्ष आदित्य गुप्ता ने बताया कि नाला निर्माण करीब आठ महीने से अधूरा है। लगभग चार महीने पहले नाले की खोदाई कर उसे खुला छोड़ दिया गया। स्थानीय लोगों की ओर से कई बार निर्माण पूरा कराने और खुले नाले को सुरक्षित करने का अनुरोध किया जा चुका है, लेकिन जिम्मेदारों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।

दो अक्टूबर की रात हादसा होने के बाद तीन अक्टूबर की सुबह नगर निगम के अधिकारियों को फोन से घटना की जानकारी दी गई। इसके बावजूद मौके पर सुरक्षा के ठोस इंतजाम नहीं किए गए। अवर अभियंता विवेकानंद ने बताया कि उक्त नाले का निर्माण ठेकेदार के द्वारा अधूरा छोड़ दिया गया था। इसका निर्माण तेजी से कराया जा रहा है।

बच्चों और राहगीरों पर हर समय खतरा
यह मार्ग लगातार आवागमन वाला है। आसपास रहने वाले लोगों के अनुसार यहां से बच्चों समेत बड़ी संख्या में लोग गुजरते हैं। खुले नाले के आसपास पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने से रात में खतरा और बढ़ जाता है। अंधेरे में खुले नाले का पता चलना मुश्किल है। ऐसे में बच्ची के साथ हुआ हादसा किसी बड़े हादसे की चेतावनी माना जा रहा है।

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मानबेला में किशोर की जा चुकी है जान
खुले और अधूरे नालों की अनदेखी का खामियाजा पहले भी सामने आ चुका है। मानबेला क्षेत्र में अधूरे नाला निर्माण में गिरने से एक किशोर की डूबकर मृत्यु हो चुकी है। इसके बावजूद खुले नालों और निर्माण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीरता नहीं दिख रही है। रामजानकीनगर में बच्ची की जान इस बार स्थानीय युवक की तत्परता से बच गई।

स्थानीय लोगों ने नगर निगम से तत्काल मौके का निरीक्षण कराने, अधूरे क्रास नाले का निर्माण पूरा कराने और खुले हिस्से को स्लैब से ढकने की मांग की है। इसके साथ ही निर्माण स्थल पर मजबूत बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत और रात में दिखाई देने वाली सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है।

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सुरक्षा के तमाम इंतजाम करने के साथ ही नाले का निर्माण कार्य तेजी से कराने का निर्देश दिया गया है।

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-गौरव रंजन श्रीवास्तव, अपर नगर आयुक्त