हवा में तैरते 'प्रतिबंधित मांझे' ने ली युवक की जान, गोरखपुर में दो बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
गोरखपुर में प्रतिबंधित मांझे की चपेट में आने से एक मोपेड सवार रमेश कन्नौजिया की दर्दनाक मौत हो गई। मांझे ...और पढ़ें

रोते बिलखते परिजन व मृतक की फाइल फोटो। जागरण
HighLights
प्रतिबंधित मांझे से मोपेड सवार रमेश कन्नौजिया की मौत।
गोरखपुर में गर्दन कटने से हुई दर्दनाक घटना।
मृतक के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटा।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। प्रतिबंधित मांझे की चपेट में आने से शनिवार दोपहर मोपेड सवार रमेश कन्नौजिया (35) की मौत हो गई। रास्ते में उनकी गर्दन में मांझा फंस गया, जिससे गर्दन कट गई और वह लहूलुहान होकर गिर पड़े। गंभीर हालत में उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
तिवारीपुर क्षेत्र के सूरजकुंड निवासी रमेश शनिवार दोपहर करीब एक बजे मोपेड से जा रहे थे। इसी दौरान प्रतिबंधित मांझा उनकी गर्दन में फंस गया। धारदार मांझे से गर्दन कटने के कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सक उनकी जान नहीं बचा सके।
दो बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
रमेश माधोपुर न्यू कालोनी में पत्नी पूर्णिमा और दो बच्चों के साथ रहते थे। उनकी 11 वर्षीय बेटी अपर्णा और सात वर्षीय बेटा आर्यन है। रमेश की अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
घंटाघर की कॉस्मेटिक फर्म में करते थे काम, सूरजकुंड के रहने वाले थे रमेश
रमेश घंटाघर स्थित केडिया की कॉस्मेटिक फर्म में काम करते थे। तीन भाइयों में वह दूसरे नंबर पर थे। बड़े भाई बबलू अलग रहते हैं, जबकि छोटा भाई महेश उनके साथ रहता है और निजी काम करता है।
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रमेश के पिता फकीरे और मां मुन्नी देवी घसीकटरा में रहते हैं। माता-पिता की देखभाल की जिम्मेदारी भी रमेश ही संभालते थे। उनकी मौत से पत्नी और बच्चों के साथ बुजुर्ग माता-पिता भी बेसहारा हो गए हैं।
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