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    तंबाकू नियंत्रण पर दो संगठनों के साथ मिलकर शोध करेगा एम्स, समझौता ज्ञापन पर किए हस्ताक्षर

    Updated: Sun, 30 Nov 2025 11:50 AM (IST)

    एम्स ने सार्वजनिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए दो संगठनों के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते से तंबाकू नियंत्रण, पर्यावरणीय स्वास्थ्य और बीमारियों की रोकथाम जैसे क्षेत्रों में सुधार होगा। इसका लाभ पूर्वांचल और पूरे देश की जनता को मिलेगा।

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    गोरखपुर एम्स। जागरण

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। तंबाकू नियंत्रण और इससे जुड़े विभिन्न शोध व कार्यक्रम के लिए कैम्पेन फार टोबैको-फ्री किड्स (सीटीएफके) और ग्लोबल हेल्थ एडवोकेसी इन्क्यूबेटर (जीएचएआइ) के साथ एम्स ने समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। एम्स प्रशासन का मानना है कि तंबाकू नियंत्रण, रोग नियंत्रण, स्वास्थ्य प्रणाली सुदृढ़ीकरण और एक स्वास्थ्य की पहल को इस कार्यक्रम से नया आयाम मिलेगा।

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    शनिवार को एम्स की कार्यकारी निदेशक मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) डा. विभा दत्ता ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य अनुसंधान, नीति समर्थन और स्वास्थ्य प्रणाली सुदृढ़ीकरण की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। यह साझेदारी तंबाकू नियंत्रण, पर्यावरण एवं जलवायु-स्वास्थ्य विश्लेषण तथा बहु-विषयक रोग रोकथाम प्रयासों में एम्स की भूमिका को और मजबूत करेगी।

    डीन रिसर्च डा. आनंद मोहन दीक्षित ने कहा कि एम्स गोरखपुर लगातार ऐसे सार्थक सहयोगों को बढ़ावा दे रहा है, जो हमारे सार्वजनिक स्वास्थ्य अनुसंधान ढांचे को मजबूत बनाते हैं। इस दौरान डा. ओम प्रकाश बेड़ा, एम्स की शोध टीम से डा. यू वेंकटेश भी मौजूद रहे।

    यह हैं सहयोग के प्रमुख क्षेत्र
    तंबाकू नियंत्रण अनुसंधान और कार्यान्वयन, सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षमता निर्माण कार्यक्रम, पर्यावरण और जलवायु-स्वास्थ्य संबंधी विश्लेषण, गैर संचारी रोगों के रोकथाम और निगरानी, सीआरवीएस प्रणाली सुदृढ़ीकरण, पोषण और खाद्य प्रणाली अनुसंधान, नीति-केन्द्रित सहयोगात्मक पहल, स्वास्थ्य प्रणाली सुदृढ़ीकरण, रोग नियंत्रण कार्यक्रमों और एक स्वास्थ्य पर काम।

    कोटपा की धारा के प्रभाव का होगा आकलन
    समझौता ज्ञापन में महत्वपूर्ण तथ्य सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद (विज्ञापन प्रतिषेध तथा व्यापार एवं वाणिज्य, उत्पादन, आपूर्ति और वितरण विनियमन) की धारा पांच व छह के प्रभाव का आकलन करना है। धारा पांच में तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन पर प्रतिबंध लगाया गया है। धारा छह में 18 वर्ष से कम उम्र के व्यक्तियों को तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है। साथ ही शैक्षणिक संस्थानों के सौ गज के दायरे में बिक्री पर भी रोक है। इन धाराओं का उल्लंघन करने पर जुर्माना या कारावास हो सकता है।


    यह एमओयू सार्वजनिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने के प्रति एम्स की प्रतिबद्धता का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। तंबाकू नियंत्रण, पर्यावरणीय स्वास्थ्य, रोग रोकथाम तथा एक स्वास्थ्य वआधारित हस्तक्षेपों को इससे और गति मिलेगी। इससे पूर्वांचल और देश की जनता को लाभ मिलेगा।

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    -मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) डा. विभा दत्ता, कार्यकारी निदेशक