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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 31, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

संघर्षो की उपज थे शहीद रविंद्र सिंह

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Published: Sun, 31 Aug 2014 11:24 PM (IST)

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जागरण संवाददता, गोरखपुर : शहीद स्व. रविंद्र सिंह की 35वीं पुण्यतिथि टाऊन हाल स्थित रवींद्र भवन में मनाई गई। छात्रसंघ भवन परिसर स्थित स्व. सिंह की प्रतिमा पर राज्यमंत्री डा. मोहसिन खान ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी।

श्रद्धांजलि सभा में मुख्य अतिथि नगर विधायक डा. राधामोहन दास अग्रवाल ने कहा कि स्व.रवींद्र सिंह संघर्षो की उपज थे। वह राजनीति, निष्ठा एवं सेवा भाव से करते थे। यदि रवींद्र सिंह जिंदा होते तो आज गोरखपुर पूरे हिन्दुस्तान का नेतृत्व करता।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए गोविवि के पूर्व अध्यक्ष दिनेश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि रवींद्र सिंह की इच्छा थी कि पूर्वी उत्तर प्रदेश एक अलग राज्य बने। विशिष्ट अतिथि महापौर डा. सत्या पांडेय ने कहा कि रवींद्र सिंह एक महामानव थे।

सभा में स्व.सिंह की पत्नी पूर्व विधायक गौरी देवी ने कहा कि नेता जी का व्यक्तित्व अविस्मरणीय, अतुलनीय एवं अनुकरणीय है। छात्र राजनीति के तरुणायी थे। उन्होंने नौजवानों, गरीबी, किसानों, एवं मजलूमों की लड़ाई हर स्तर पर जाकर लड़ी। फरेंदा के विधायक बजरंग बहादुर सिंह ने कहा कि नेताजी के परिवार में मेरा बचपन बीता एवं उन्हीं के परिवार से मुझे शोहरत मिली।

सभा का संचालन गोविवि पूर्व महामंत्री धीरज सिंह हरीश ने किया। सभा को विनोद श्रीवास्तव, केपी सिंह, महंथ सिंह, प्रबल प्रताप शाही, सरोज रंजन शुक्ल, सत्यम सिंह, सुरेंद्र सिंह मुन्ना, विभ्राट चंद कौशिक, श्यामजी त्रिपाठी, जितेंद्र राय, भानु प्रताप सिंह ने संबोधित किया। इस अवसर पर हरि मोहन दास अग्रवाल, डा. रुप कुमार सिंह, वंधू उपेंद्र नाथ सिंह, सत्यपाल पाल आदि उपस्थित थे।

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