Gonda News: मौसमी बीमारी बढ़ने अस्पताल में खत्म हुई दवा, मरीजों को नहीं मिल रहा उचित इलाज
गोंडा के बाबू ईश्वर शरण चिकित्सालय में दवाओं की भारी किल्लत है। बुखार और खांसी की दवाएं उपलब्ध नहीं होने से मरीज़ परेशान हैं। बच्चों और बड़ों के परिजनों को बाहर से दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। अधिकारी दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित कराने में विफल रहे हैं जिससे मरीज़ों को परेशानी हो रही है। प्रधानाचार्य ने दवा की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है।

संवाद सूत्र, गोंडा। मौसमी का प्रकोप बढ़ने के साथ ही मेडिकल कॉलेज से संबद्ध बाबू ईश्वर शरण चिकित्सालय में दवाओं की भारी किल्लत हो गई। बच्चों से लेकर बूढ़ों तक के लिए बुखार व खांसी की दवा समाप्त है।
ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचे बच्चों और बड़ों के स्वजनों को बाहर से दवा खरीदनी पड़ रही है। जिम्मेदार दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित नहीं करा पा रहे हैं, जिसका खामियाजा रोगियों को भुगतना पड़ रहा है।
मौसम में परिवर्तन के साथ ही बीमार मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। बाबू ईश्वर शरण चिकित्सालय में सर्दी, खांसी, बुखार से पीड़ित बच्चे इलाज के लिए पहुंच रहे। यहां पैरासीटामाल सिरप नहीं मिल पा रहा है।
यही नहीं, खांसी की दवा भी नहीं मिल पा रही है। रोगियों को उन्हें निराशा हाथ लग रही। ऐसे में सभी अस्पताल प्रशासन को कोसते हुए मजबूरीवश वापस चले जाते हैं। बीते एक सप्ताह से दवा वितरण कक्ष को खांसी व बच्चों के बुखार की दवा उपलब्ध नहीं कराया गया है।
शुक्रवार को दवा काउंटर पर मरीजों को बिना दवा लिए ही लौटना पड़ा। अधिकतर मरीजों को प्राइवेट दवा दुकानों की ओर ही रुख करना पड़ा। सबसे अधिक परेशानी गरीब मरीजों को उठानी पड़ी।
स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने ने कहा कि दवा की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया है, जिससे रोगियों को दिक्कत न हो।
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