गोंडा, संवाद सूत्र। झोलाछापों के खिलाफ चल रही छापेमारी अभियान में भ्रष्टाचार का घुन लग गया है। खरगूपुर में 23 झोलाछाप व बिना लाइसेंस के मेडिकल स्टोर के संचालक चिह्नित हुए लेकिन, विभाग इनके खिलाफ कार्रवाई की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। यही हाल जिले के अन्य क्षेत्रों का भी है। जहां अभियान के नाम पर अधिकारी रस्म अदायगी करने से बाज नहीं आ रहे हैं।

दुष्कर्म आरोपित झोलाछाप को बचाने के लिए बदल दी दवा बरामदगी की रिपोर्ट : झोलाछापों के काकस का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि खरगूपुर में महिला मरीज से दुष्कर्म कर वीडियो वायरल करने वाले झोलाछाप की दवा बरामदगी रिपोर्ट ही बदल दी गई। बजरंगदल के पूर्व प्रांत संयोजक राकेश वर्मा गुड्डू ने अपर निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को पत्र देकर आरोप लगाया है कि 27 अक्टूबर को डिप्टी सीएमओ डा. टीपी जायसवाल की अगुवाई वाली टीम ने छापा मारकर प्रतिबंधित व नशीली दवाएं क्लीनिक से बरामद किया था। लेकिन, प्राथमिकी दर्ज कराने के दौरान सीएचसी अधीक्षक डा. अजय यादव ने केवल सामान्य दवाएं ही दिखाईं।

इससे नशीली दवाओं के अवैध कारोबार की धारा नहीं लग सकी। हालांकि डा. अजय यादव का कहना है कि जो दवाएं मिली थीं, उन्हीं के आधार पर प्राथमिकी दर्ज हुई है। अपर निदेशक चिकित्सा डा. अनिल मिश्र ने बताया कि दवा बरामदगी की रिपोर्ट बदलने की जांच संयुक्त निदेशक की अगुवाई में तीन सदस्यीय टीम से कराई जा रही है। चिह्नित हुए झोलाछापों पर कार्रवाई करने के लिए सीएमओ को निर्देश दिया जाएगा।

Edited By: Vrinda Srivastava

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